लेंडेझरी में चारागाह भूमि पर निर्माण और पट्टों पर सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
खसरा नंबर 48 की जमीन को लेकर विवाद; राजस्व विभाग से मौके का निरीक्षण कर वैधानिक स्थिति स्पष्ट करने की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट। ग्राम लेंडेझरी में खसरा नंबर 48 की शासकीय चारागाह भूमि पर कथित अतिक्रमण, निर्माण कार्य और पट्टा आवंटन को लेकर विवाद सामने आया है। मामले में ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच बाबूलाल भगत तथा गर्रा के सरपंच एवं सरपंच संघ अध्यक्ष वैभव बिसेन ने राजस्व विभाग से निष्पक्ष जांच कर भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
पूर्व सरपंच बाबूलाल भगत के अनुसार, वर्ष 2000 से 2010 तक उनके कार्यकाल के दौरान उक्त भूमि को आबादी घोषित कर पात्र लोगों को पट्टे देने के संबंध में तत्कालीन कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित क्षेत्र में रहने वाले कुछ लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है। हालांकि, आबादी घोषित करने, पट्टा आवंटन और भूमि के वैधानिक अधिकारों की स्थिति आधिकारिक अभिलेखों से स्पष्ट होना बाकी है।
बाबूलाल भगत ने बताया कि उक्त भूमि पर उनके परिजनों के निर्माण कार्य के दौरान बिजली कनेक्शन के लिए ग्राम पंचायत स्तर से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी किया गया था। बाद में पंचायत की ओर से नोटिस जारी किए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई और उसे निरस्त करने की मांग की। उन्होंने कार्रवाई के पीछे राजनीतिक कारण होने की आशंका भी जताई। उनका कहना है कि राजस्व विभाग मौके का निरीक्षण कर भूमि की स्थिति स्पष्ट करे तथा पात्रता और नियमों के आधार पर पट्टा आवंटन पर निर्णय ले।
वहीं, गर्रा के सरपंच एवं सरपंच संघ अध्यक्ष वैभव बिसेन ने कहा कि मामला राजस्व विभाग के अधिकार क्षेत्र से जुड़ा है। विभाग को मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में नियमों के विपरीत अतिक्रमण या निर्माण पाया जाता है, तो संबंधित पक्ष के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
राजस्व जांच पर टिकी नजरें
फिलहाल, खसरा नंबर 48 की भूमि की राजस्व स्थिति, पट्टा आवंटन की वैधानिकता और निर्माण कार्य की अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। राजस्व अभिलेखों की जांच और संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




