जामताड़ा
मातकोम बेड़ा फुटबॉल चैंपियनशिप सीजन-8 का आगाज, फाइनल 17 अक्टूबर को
सहजपुर मैदान में जुटीं विभिन्न राज्यों की टीमें, विजेता को मिलेंगे दो लाख रुपये

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
करमाटांड़ (जामताड़ा)। करमाटांड़ प्रखंड के सहजपुर मैदान में आदिवासी नवयुवक संघ समिति की ओर से आयोजित मातकोम बेड़ा फुटबॉल चैंपियनशिप ट्रॉफी सीजन-8 का शुभारंभ गुरुवार को हुआ। तीन दिवसीय इस फुटबॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं जिला परिषद प्रत्याशी विक्की मंडल ने फीता काटकर और खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया। प्रतियोगिता में झारखंड समेत अन्य राज्यों की कई टीमें हिस्सा ले रही हैं। टूर्नामेंट के सफल आयोजन में खेल संयोजक अनिल टुडू की महत्वपूर्ण भूमिका है।
प्रतियोगिता के पहले दिन कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। उद्घाटन मैच लिट्टीपाड़ा (पाकुड़) और दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) के बीच खेला गया। दूसरा मुकाबला धनबाद और जगन्नाथपुर जामनगर के बीच हुआ। तीसरे मैच में रामगढ़ और निरसा (धनबाद) की टीमें आमने-सामने रहीं। वहीं, दिन का अंतिम मुकाबला साहिबगंज और इलेवन दुमका के बीच खेला गया। पहले दिन के मुकाबलों के समापन तक सहजपुर (जामताड़ा) की टीम ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए विक्की मंडल ने कहा कि फुटबॉल इस क्षेत्र के युवाओं का लोकप्रिय खेल है। मातकोम बेड़ा फुटबॉल चैंपियनशिप क्षेत्र के बड़े टूर्नामेंटों में शामिल है। बेहतर स्टेडियम की सुविधा नहीं होने के बावजूद आयोजन समिति द्वारा कृत्रिम स्टेडियम तैयार कर प्रतियोगिता का आयोजन करना सराहनीय पहल है। समिति की मेहनत से यह प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
उन्होंने आयोजन समिति को शानदार आयोजन के लिए बधाई दी और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में सहयोग करते रहने की बात कही। साथ ही जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र में बेहतर स्टेडियम का निर्माण कराने की मांग की, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और प्रतियोगिता को और व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा सके।
विजेता को दो लाख रुपये का पुरस्कार
प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 17 अक्टूबर को खेला जाएगा। विजेता टीम को दो लाख रुपये, उपविजेता टीम को डेढ़ लाख रुपये तथा तृतीय और चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को 40-40 हजार रुपये नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके साथ ही टीमों को ट्रॉफी भी प्रदान की जाएगी।



