बड़ौत के पंचमुखी मंदिर में सामाजिक समरसता सम्मेलन
ब्राह्मणों के उत्पीड़न, यूजीसी और किसानों के मुद्दों पर उठी आवाज

करीब पांच हजार लोगों की मौजूदगी का दावा, सनातन पांडे समेत कई प्रमुख हस्तियां रहीं मंच पर मौजूद; दीपक शर्मा एडवोकेट ने किया आयोजन
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बड़ौत, बागपत। बड़ौत स्थित पंचमुखी मंदिर में सामाजिक समरसता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में ब्राह्मण समाज के साथ कथित अत्याचार, फर्जी एनकाउंटर, यूजीसी से जुड़े विवाद, राम मंदिर में चोरी की घटना, केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप और किसानों की समस्याओं जैसे मुद्दों पर वक्ताओं ने अपनी बात रखी। आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन में करीब पांच हजार लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति को सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सम्मेलन की अध्यक्षता महेंद्र दत्त शर्मा ने की, जबकि मंच का संचालन प्रोफेसर सतीश शास्त्री ने किया। कार्यक्रम के आयोजक दीपक शर्मा एडवोकेट रहे। मुख्य अतिथि के रूप में माननीय सांसद सनातन पांडे उपस्थित रहे। इसके अलावा पूर्व विधायक, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी अमरपाल शर्मा तथा भूमिहार त्यागी ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष मांगेराम त्यागी सहित अनेक गणमान्य लोगों ने मंच साझा किया।
कार्यक्रम में शिखर चंद जैन, मुकेश, मुकेश विश्वकर्मा, शीशपाल सैनी और राजस्थान की जयपुर यूनिवर्सिटी से जुड़े कार्तिक भारद्वाज सहित अन्य लोगों की उपस्थिति रही।
सामाजिक समरसता और समाज की एकजुटता पर जोर
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सामूहिक रूप से विचार-विमर्श करना बताया गया। वक्ताओं ने समाज में आपसी भाईचारा, समानता, सामाजिक न्याय और एकजुटता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद बढ़ना चाहिए, ताकि समस्याओं का समाधान लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से निकाला जा सके।
ब्राह्मण समाज के साथ कथित अत्याचार का मुद्दा उठा
सम्मेलन में ब्राह्मण समाज के साथ हो रहे कथित अत्याचारों और फर्जी एनकाउंटर के आरोपों को लेकर वक्ताओं ने चिंता जताई। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ जाति या समुदाय के आधार पर अन्याय नहीं होना चाहिए। कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए और किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही सच्चाई सामने आनी चाहिए।
वक्ताओं ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से मांग की कि यदि किसी मामले में फर्जी मुठभेड़ या निर्दोष व्यक्ति को फंसाने की शिकायत सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
योगी सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की नीतियों को लेकर भी वक्ताओं ने अपनी बात रखी। कुछ वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जातीय पहचान से जुड़े मामलों में लोगों के साथ अन्याय हो रहा है और सरकार को ऐसे मामलों में निष्पक्षता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक नागरिक को समान सुरक्षा और न्याय मिले।
यूजीसी के मुद्दे पर भी चर्चा
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से जुड़े मुद्दों को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की गई। वक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में समान अवसर, पारदर्शिता और सभी वर्गों के हितों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से संबंधित नीतियां ऐसी होनी चाहिए, जिनसे समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विश्वास बना रहे और किसी भी वर्ग में भेदभाव की भावना पैदा न हो।
राम मंदिर में चोरी की घटना और भ्रष्टाचार पर चर्चा
सम्मेलन में राम मंदिर से जुड़ी चोरी की घटना का मुद्दा भी उठाया गया। वक्ताओं ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही केंद्र की मोदी सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर आरोप लगाए गए और शासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई।
वक्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही और भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है। हालांकि, सम्मेलन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अलग से आवश्यक है।
किसानों की समस्याओं को लेकर भी उठी आवाज
सम्मेलन में किसानों के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने किसानों की आर्थिक स्थिति, कृषि से जुड़ी चुनौतियों और उनकी मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, समय पर भुगतान और कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं का समाधान मिलना चाहिए।
बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन में करीब पांच हजार लोगों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति के बीच विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और किसान हितों से जुड़े विषयों पर विचार रखे गए। मंच पर उपस्थित अतिथियों और वक्ताओं ने समाज की समस्याओं को उठाने तथा लोगों को एकजुट होकर अपनी आवाज लोकतांत्रिक तरीके से बुलंद करने का संदेश दिया।
पंचमुखी मंदिर में आयोजित यह सम्मेलन सामाजिक समरसता के उद्देश्य के साथ-साथ समाज, शिक्षा, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का मंच बना। कार्यक्रम के आयोजक दीपक शर्मा एडवोकेट सहित आयोजक मंडल ने सम्मेलन में शामिल हुए अतिथियों और लोगों का आभार व्यक्त किया।



