बागपत

पिता से मिली सेवा की सीख, बागपत में नंबर-1 मुकाम हासिल करने की दिशा में डॉ. मुदित गर्ग के प्रयास

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

बड़ौत, बागपत : जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के क्षेत्र में अलग पहचान बनाने का लक्ष्य, आधुनिक चिकित्सा तकनीक और मरीजों की सेवा पर विशेष जोर
चिकित्सा का क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा करने का ऐसा माध्यम है, जिसमें मरीज का विश्वास, चिकित्सक की जिम्मेदारी और समय पर उपचार की अहम भूमिका होती है। इसी सोच को अपने जीवन का उद्देश्य बनाकर आगे बढ़ रहे हैं डॉ. मुदित गर्ग। एमबीबीएस और एमएस की चिकित्सा शिक्षा प्राप्त डॉ. मुदित गर्ग ने जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जरी को अपना कार्यक्षेत्र चुना है। बड़ौत में नेहरू रोड स्थित अपने क्लीनिक के माध्यम से वह मरीजों को उपचार संबंधी परामर्श और सर्जरी की सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत हैं। उनका लक्ष्य बागपत जनपद में जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाते हुए नंबर-1 मुकाम हासिल करना है।
पिता के सेवाभाव से मिली प्रेरणा
डॉ. मुदित गर्ग के अनुसार, चिकित्सा के क्षेत्र में आने की प्रेरणा उन्हें अपने पिता डॉ. जे. के. गर्ग से मिली। उनके पिता ने नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी सेवाओं और मरीजों के प्रति समर्पण से परिवार में सेवा की एक मजबूत परंपरा स्थापित की। मरीजों के प्रति उनका व्यवहार, उनकी समस्याओं को ध्यान से सुनना और उपचार के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की भावना ने मुदित गर्ग को भी प्रभावित किया।
उन्होंने बताया कि परिवार से मिले संस्कारों ने उन्हें यह समझाया कि एक चिकित्सक की वास्तविक पहचान केवल उसकी डिग्री से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, ईमानदारी और मरीजों के प्रति जिम्मेदारी से बनती है। हालांकि उनके पिता का कार्यक्षेत्र नेत्र चिकित्सा रहा, लेकिन उन्होंने अपनी रुचि और चिकित्सा शिक्षा के आधार पर जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जरी को चुना।
बागपत में नंबर-1 मुकाम हासिल करने का लक्ष्य
डॉ. मुदित गर्ग का लक्ष्य जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करना और मरीजों के विश्वास पर खरा उतरना है। वह चाहते हैं कि बागपत और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सर्जरी संबंधी समस्याओं के लिए उचित चिकित्सकीय परामर्श, बीमारी की सही जानकारी और उपचार के उपलब्ध विकल्पों के बारे में मार्गदर्शन मिल सके।
उनका मानना है कि किसी भी चिकित्सक की पहचान निरंतर सीखने, मरीजों के प्रति संवेदनशीलता, चिकित्सा के निर्धारित मानकों का पालन और जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार से बनती है। इसी सोच के साथ वह अपने कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने और मरीजों की सेवा को प्राथमिकता देने का प्रयास कर रहे हैं।
जनरल और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी पर विशेष ध्यान
डॉ. मुदित गर्ग का कहना है कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में सर्जरी की तकनीक लगातार विकसित हो रही है। लैप्रोस्कोपिक सर्जरी इसी दिशा में महत्वपूर्ण तकनीक है, जिसमें उपयुक्त परिस्थितियों में छोटे चीरे लगाकर विशेष उपकरणों और कैमरे की सहायता से ऑपरेशन किया जाता है।
कई प्रकार की सर्जरी में इस तकनीक से बड़े चीरे की आवश्यकता कम हो सकती है और मरीज को रिकवरी में लाभ मिल सकता है। हालांकि, हर मरीज के लिए यह तकनीक उपयुक्त हो, ऐसा जरूरी नहीं है। ऑपरेशन का तरीका मरीज की बीमारी, स्वास्थ्य की स्थिति और चिकित्सकीय जांच के आधार पर निर्धारित किया जाता है।
किन समस्याओं में लें विशेषज्ञ की सलाह?
पेट दर्द, हर्निया, पित्त की थैली की पथरी, बवासीर, फिशर, फिस्टुला, लिपोमा और अन्य सर्जरी संबंधी समस्याओं में मरीज को योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। बीमारी के लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज करने से परेशानी बढ़ सकती है।
डॉ. मुदित गर्ग के अनुसार, प्रत्येक मरीज की स्थिति अलग होती है। इसलिए केवल दूसरों के अनुभव के आधार पर दवा लेना या ऑपरेशन का निर्णय करना उचित नहीं है। पहले बीमारी का सही मूल्यांकन होना चाहिए, उसके बाद मरीज को उपलब्ध उपचार विकल्पों के बारे में जानकारी देकर निर्णय लिया जाना चाहिए।
मरीज का विश्वास ही चिकित्सक की असली पहचान
डॉ. मुदित गर्ग का मानना है कि चिकित्सा सेवा में मरीज का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण होता है। एक चिकित्सक की जिम्मेदारी केवल बीमारी की पहचान करना नहीं, बल्कि मरीज और उसके परिजनों को समस्या की प्रकृति, उपचार के विकल्पों, संभावित जोखिमों और सावधानियों के बारे में स्पष्ट जानकारी देना भी है।
उनके अनुसार, हर बीमारी में ऑपरेशन आवश्यक नहीं होता। कई स्थितियों में दवाओं, जीवनशैली में बदलाव या अन्य गैर-शल्य चिकित्सा उपायों से भी उपचार संभव होता है। वहीं, कुछ मामलों में समय पर सर्जरी कराना जरूरी हो सकता है। उपचार का निर्णय मरीज की स्थिति और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार ही लिया जाना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता जरूरी
बागपत और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार लोग बीमारी के शुरुआती लक्षणों को सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। कुछ लोग घरेलू उपायों या बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का सहारा लेते रहते हैं। इससे बीमारी की पहचान और उचित उपचार में देरी हो सकती है।
डॉ. मुदित गर्ग का कहना है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। किसी भी समस्या के लगातार बने रहने, दर्द बढ़ने या असामान्य लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। समय पर जांच कराने से बीमारी का सही आकलन करने और उचित उपचार की योजना बनाने में मदद मिलती है।
सेवा और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का संकल्प
डॉ. मुदित गर्ग का लक्ष्य आधुनिक चिकित्सा तकनीक, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार के साथ अपने कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ना है। उनका मानना है कि चिकित्सा विज्ञान में नए शोध और तकनीक के साथ स्वयं को अपडेट रखना प्रत्येक चिकित्सक के लिए आवश्यक है।
पिता से मिली सेवा की प्रेरणा और अपनी चिकित्सा शिक्षा के आधार पर डॉ. मुदित गर्ग जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की दिशा में प्रयासरत हैं। बागपत में नंबर-1 मुकाम हासिल करने का उनका लक्ष्य मरीजों के विश्वास, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं और निरंतर मेहनत के संकल्प से जुड़ा है। उनके लिए चिकित्सा का वास्तविक उद्देश्य मरीज को उचित उपचार, सही सलाह और सम्मानजनक व्यवहार उपलब्ध कराना है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button