खैरथल
वोट चोरी कर लोकतंत्र की जड़ों पर हमला कर रही भाजपा : जितेंद्र सिंह
टीकाराम जूली ने चुनाव आयोग को कानूनी संरक्षण देने और नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव पर उठाए सवाल, मतदाता सूची से करोड़ों नाम हटाने के दावों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
खैरथल-तिजारा : किशनगढ़बास के जाटका चौराहे पर कांग्रेस की ओर से जनसभा व जनसम्पर्क कार्यकम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह एवं राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली एवं किशनगढ़ विधायक दीपचंद खैरिया,जिलाध्यक्ष बलराम यादव, विधायक ललित यादव की मोजूदगी मे हुआ
पंचायतीराज चुनावो को लेकर जनसभा को सम्बोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह एवं राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वोट चोरी के जरिए सत्ता हासिल करने की कोशिश लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना पर सीधा प्रहार है। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता, मुख्य चुनाव आयुक्त को कानूनी संरक्षण देने संबंधी प्रावधानों और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में किए गए बदलावों को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किए। इस मौके पर वक्ताओं ने आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव को भी मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि पहले नियुक्ति समिति में प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने की व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत बनी थी। बाद में केंद्र सरकार ने नए कानून के जरिए मुख्य न्यायाधीश की जगह प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को शामिल करने का प्रावधान किया। इससे नियुक्ति प्रक्रिया में सरकार का प्रभाव बढ़ने और निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका पैदा होती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव और चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले प्रावधानों के कारण चुनाव आयोग की स्वतंत्रता तथा उसकी जवाबदेही को लेकर संदेह बढ़ा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव कराने वाली संस्था पर जनता का भरोसा कायम रहना बेहद जरूरी है और इस भरोसे को कमजोर करने वाले हर कदम पर सवाल उठना चाहिए।
मतदाता सूची से नाम हटाने के दावों पर भी उठाए सवाल
उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठियों और फर्जी मतदाताओं के नाम हटाने के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों के मताधिकार पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने 13 करोड़ नाम हटाए जाने का दावा करते हुए कहा कि इनमें से तीन करोड़ नाम मृत्यु या दोहरी प्रविष्टियों से संबंधित बताए जा रहे हैं, लेकिन शेष दस करोड़ नामों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि यदि इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, तो सरकार और चुनाव आयोग को इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। किन राज्यों में कितने नाम हटाए गए, कितने नाम मृत मतदाताओं या दोहरी प्रविष्टियों के कारण हटे और कितने मामलों में अन्य कारण रहे, इसका पारदर्शी ब्योरा जनता के सामने रखा जाना चाहिए।
सिंह एवं जूली ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता जरूरी है, लेकिन किसी भी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से हटना उसके संवैधानिक अधिकार को प्रभावित करता है। इसलिए मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए।
उन्होंने आगामी 1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाली राहुल गांधी के नेतृत्व में महारैली में अधिक से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पहुंचने की अपील की। सभा में जिला अध्यक्ष बलराम यादव, पूर्व विधायक संदीप यादव, तिजारा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे इमरान खान, प्रधान बद्री प्रसाद सुमन, ओम प्रकाश रोघा,विनोद कुमारी सांगवान, गिरीश डाटा, जसवंत यादव, मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष धीरूभाई सहित अन्य कांग्रेसी नेताओं ने वहां पर आए हुए कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस मौके पर पंचायत समिति क्षेत्र के सभी प्रत्याशियों एवं जिला परिषद सदस्य के सभी प्रत्याशियों के पक्ष में वोट करने की अपील की।

