झारखण्ड कैबिनेट के अहम फैसले, गोड्डा में पशु आहार कारखाना समेत 7890 चापाकल और स्वास्थ्य-शिक्षा योजनाओं को मंजूरी
Key decisions by the Jharkhand Cabinet: Approval granted for an animal feed plant in Godda, the installation of 7,890 handpumps, and various health and education schemes.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित झारखण्ड मंत्रिपरिषद की बैठक में विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, सड़क, रोजगार और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने गोड्डा में 50 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले पशु आहार कारखाने की स्थापना के लिए 51.49 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति दी। इसकी क्षमता बढ़ाकर 100 मीट्रिक टन प्रतिदिन की जा सकेगी। वही राज्य के 263 प्रखण्डों में 7890 चापाकल लगाने के लिए लगभग 96.55 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई। साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में 500 बेड के अस्पताल निर्माण के लिए 545.38 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति तथा झारखण्ड मेडिको सिटी के आधारभूत ढांचे के लिए 284.17 करोड़ रुपये मंजूर किए गये। रांची सदर अस्पताल में कैथ लैब की स्थापना के लिए 9.90 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई। सिंचाई एवं जल संसाधन के क्षेत्र में नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के लिए 607.03 करोड़ रुपये और हजारीबाग की लोटिया जलाशय योजना के पुनरुद्धार के लिए 32.17 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इसके अलावे गिरिडीह और रांची में सड़क निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण की विभिन्न योजनाओं को भी स्वीकृति मिली। साथ ही शिक्षा एवं युवाओं के लिए राजकीय पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप प्रशिक्षण, विश्वविद्यालयों में स्वास्थ्य देखभाल एवं मानसिक कल्याण सम्बन्धी नियमावली तथा आवासीय विद्यालयों की गतिविधियों के लिए अतिरिक्त राशि से जुड़े प्रस्ताव मंजूर किए गये। राज्य के थानों में सीसीटीवी लगाने के लिए लंबित 1.17 करोड़ रुपये के भुगतान को भी प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। कैबिनेट ने दैनिक वेतनभोगी कर्मियों के पेंशन लाभ, विभिन्न कर्मियों के सेवा नियमितीकरण, वेतन विसंगतियों के निराकरण के लिए उच्चस्तरीय समिति के गठन तथा भूमि अधिग्रहण के लिए एकीकृत पोर्टल विकसित करने सहित कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। इसके साथ ही खनन नीति, अपशिष्ट जल नीति, अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र की वैधता और जनजातीय बहुल गांवों के विद्युतीकरण से सम्बन्धित निर्णय भी लिए गये। बैठक में लिए गये निर्णयों का उद्देश्य राज्य में आधारभूत संरचना, जनकल्याणकारी सेवाओं और विकास योजनाओं को गति देना है।



