भरत पुर

पौधों के बारे में छात्रों को दी जानकारी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
भरतपुर। मार्च व अप्रैल माह में सभी फलदार, छायादार एवं अलंकृत पौधों में नई वृद्धि होती है, अतः इनमें पर्याप्त पानी एवं पोषण की आवश्यकता होती है। कृषि महाविद्यालय भुसावर पर विद्यार्थियों को गर्मी के दिनों में पौधों की देखभाल हेतु प्रायोगिक जानकारी दी गयी। महाविद्यालय के डीन डॉ उदय भान सिंह ने बताया कि गर्मी के दिनों में नवरोपित पौधों की मरने की सम्भावना सर्वाधिक होती हैं, इसलिए इन दिनों इनकी विशेष देखभाल की जरूरत होती हैं। सर्वप्रथम नवरोपित पौधों में 4-5 दिन के अंतराल पर पानी देते रहें तथा 5 किग्रा गोबर की खाद अथवा वर्मीकम्पोस्ट प्रति पौधा उचित आकार का थाला बनाकर दें। पौधों के क्राउन अथवा जड़ों के पास से अवांछित वृद्धि को सिकेटियर की सहायता से हटाते रहे अन्यथा पौधों का आकार सही नहीं रहता। अलंकृत पौधों में इच्छित आकार के अनुसार कटाई-छंटाई करें। गर्मी के दिनों में आंधी आने की संभावना रहती है, अतः पौधों को मजबूत लकड़ी, बांस अथवा लोहे के सरिया से सहारा दें। छोटे पौधों में दक्षिण पश्चिम दिशा में घास फूंस की टाटी बनाकर लगाई जा सकती है। ध्यान रखें पौधे हमारे जीवन का आधार है, अतः इनकी रक्षा व देखभाल करना हमारा मौलिक कर्तव्य है।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button