
आरक्षियों की नई खेप पुलिस सेवा में शामिल
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। रिजर्व पुलिस लाइन्स में रविवार को प्रशिक्षु आरक्षियों का दीक्षांत परेड समारोह 2025-26 अत्यंत भव्य और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। महीनों के कठोर प्रशिक्षण और अनुशासन के बाद प्रशिक्षु आरक्षियों की नई खेप अब उत्तर प्रदेश पुलिस का हिस्सा बन गई। समारोह के मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक, सीआईडी उ.प्र. अखिलेश कुमार निगम रहे। उनके साथ जिलाधिकारी सत्य प्रकाश एवं पुलिस अधीक्षक मो.मुश्ताक भी मौजूद रहे। मुख्य अतिथि ने वाहन पर सवार होकर परेड का निरीक्षण किया और आरक्षियों के अनुशासन, टर्न-आउट व समर्पण की सराहना की। दीक्षांत परेड समारोह का मुख्य आकर्षण प्रशिक्षु आरक्षियों की सुसंगठित मार्च पास्ट रहा। आरक्षियों ने कदमताल और तालमेल का शानदार प्रदर्शन करते हुए मुख्य अतिथि को सलामी दी। उनके चेहरे पर आत्मविश्वास और गर्व साफ झलक रहा था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का लाइव प्रसारण किया गया। उन्होंने पुलिस बल को आधुनिक, संवेदनशील और अपराध के प्रति सख्त रहने का संदेश दिया। पुलिस अधीक्षक मो. मुस्ताक ने सभी प्रशिक्षु आरक्षियों को निष्ठा, ईमानदारी और जनसेवा की शपथ दिलाई। मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी अखिलेश कुमार निगम ने कहा कि ये नवप्रशिक्षित आरक्षी पुलिस की संवेदनशीलता और सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा देंगे। राज्यमंत्री मनोहर लाल एवं सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने भी आरक्षियों को शुभकामनाएं दीं। प्रशिक्षण के दौरान आरक्षियों को आधुनिक और तकनीक आधारित पुलिसिंग के लिए तैयार किया गया। प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदुओं में कम्यूनिटी पुलिसिंग और संवाद कौशल, तकनीक आधारित पुलिसिंग (सीसीटीवी, डिजिटल साक्ष्य, डेटा विश्लेषण), जनउन्मुख और संवेदनशील व्यवहार, नए आपराधिक कानूनों का अध्ययन, फॉरेंसिक जांच तकनीक, साइबर क्राइम नियंत्रण, दंगा नियंत्रण एवं भीड़ प्रबंधन, शारीरिक दक्षता, ड्रिल व हथियार संचालन रहा। समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु आरक्षियों को सम्मानित किया गया, जिनमें देवदत्त भरंगर (चेस्ट नं. 361) ने 1261/1500 अंक प्राप्त कर सर्वांग सर्वोत्तम स्थान प्राप्त किया। वहीं नीरज गौतम (चेस्ट नं. 279) ने 727/800 अंक के साथ अंत: कक्षीय विषय में प्रथम, देवदत्त भरंगर ने 491/600 अंक के साथ बाह्य विषयों में प्रथम शामिल रहे। वहीं राहुल (चेस्ट नं. 307), द्वितीय प्रियांशु सिंह (चेस्ट नं. 20), तृतीय मयंक यादव (चेस्ट नं. 190) को मिला। कार्यक्रम में उपस्थित परिजनों ने अपने बच्चों को वर्दी में शानदार परेड करते देखा तो गर्व से भावुक हो उठे। महीनों की मेहनत का यह परिणाम उनके लिए अविस्मरणीय रहा। दीक्षांत परेड समारोह ने यह संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश पुलिस अब और अधिक आधुनिक, तकनीक-सक्षम और जनसेवा के प्रति समर्पित दिशा में आगे बढ़ रही है।



