दिल्लीराजनीतिराष्ट्रीय

भाजपा के प्रवेश वाही दिल्ली के नए महापौर

कांग्रेस के जहीर को बड़े अंतर से हराया

नई दिल्ली । प्रवेश वाही को कुल 156 मत प्राप्त हुए। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार जहीर को केवल नौ मत मिले। इस तरह, प्रवेश वाही ने जहीर को 147 मतों के भारी अंतर से पराजित किया।
भाजपा के वरिष्ठ पार्षद प्रवेश वाही को दिल्ली का नया महापौर चुना गया है। उन्होंने महापौर चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार जहीर को बड़े अंतर से हराया। इस चुनाव में कुल 165 सांसदों, विधायकों और पार्षदों ने मतदान किया था। डाले गए सभी मतों को वैध पाया गया। प्रवेश वाही को कुल 156 मत प्राप्त हुए। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार जहीर को केवल नौ मत मिले। इस तरह, प्रवेश वाही ने जहीर को 147 मतों के भारी अंतर से पराजित किया। यह भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक जीत है।
भाजपा की मोनिका पंत उपमहापौर
उपमहापौर पद के चुनाव में मतदान नहीं कराया गया कांग्रेस ने महापौर पद के चुनाव में मिले मतों को स्वीकार किया। इस तरह भाजपा की मोनिका पंत उपमहापौर पद पर निर्वाचित हुई।
मेयर चुनाव से दूर रही आप, स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव में करेगी भागीदारी
एमसीडी में मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने बड़ा सियासी फैसला लेते हुए इन दोनों चुनावों का बहिष्कार किया। आप के पार्षद, सांसद और विधायक मेयर व डिप्टी मेयर चुनाव के दौरान सदन में मौजूद नहीं रहे। हालांकि, स्थायी समिति के तीन सदस्यों के चुनाव के दौरान पार्टी सदन में भागीदारी करेगी।
स्थायी समिति के लिए तीन सीटों पर तीन ही नामांकन दाखिल हैं। इनमें भाजपा के दो पार्षद और आम आदमी पार्टी का एक पार्षद शामिल है। ऐसे में तीनों सदस्यों का निर्वाचन बिना मतदान के तय माना जा रहा है। यही वजह है कि आप इस प्रक्रिया में शामिल होगी ताकि उसका एक सदस्य समिति में पहुंच सके। मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव से दूरी को आप ने सियासी रणनीति बताया है। पार्टी का कहना है कि वह भाजपा को एक और मौका देना चाहती है ताकि राजधानी की जनता भाजपा के कामकाज का आकलन कर सके। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि पार्टी ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला सोच-समझकर लिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने समर्थन नहीं मांगा है।
नारंग के अनुसार, भाजपा को लगातार जिम्मेदारी मिल रही है और अब उसके पास बहाने की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी की मंशा भाजपा को उसकी नाकामियों से बचने का अवसर नहीं देने की है। उनका कहना था कि अगर भाजपा सत्ता में है, तो उसे अपने वादों और दावों पर खरा उतरना होगा।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button