
चंडीगढ़। पंजाब में सोमवार को बड़ा राजनीतिक फेरबदल देखने को मिला। सूबे के मुख्यमंत्री भगवंत मान के मौसेरे भाई ज्ञान सिंह ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इससे राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर सियासी माहौल गरमा गया है।
पंजाब की राजनीति में हलचल मच गई है। सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के मौसेरे भाई ज्ञान सिंह मान ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ की मौजूदगी में ज्ञान सिंह मान ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
इस मौके पर बलजिंदर सिंह वड़िंग ने भी भाजपा में शामिल होने का एलान किया। इसके अलावा आप नेता मनजिंदर सिंह ने भी भाजपा का हाथ थामा। यह घटनाक्रम पंजाब-हरियाणा की सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
हाल ही में आप के सात राज्यसभा सांसदों जिनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह आदि पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। यह आप की राज्यसभा ताकत का दो-तिहाई हिस्सा था, जिसने पार्टी में भारी बेचैनी पैदा कर दी। आप और सीएम भगवंत मान ने इसे आॅपरेशन लोटस करार देते हुए बीजेपी पर आरोप लगाए।
वहीं, पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की घर पर ईडी की रेड के बाद उनकी गिरफ्तारी से माहौल और भी गरमा गया। इस मामले को लेकर बीते कल लुधियाना में भाजपा और आप के कार्यकर्ता आमने सामने आ गए थे।



