शामली
कैराना में सट्टा माफिया बेखौफ, पुलिस की चुप्पी पर उठने लगे सवाल
गली-मोहल्लों से चौराहों तक फैला अवैध सट्टे का जाल, दिन-रात चल रही खाइबाड़ी
युवाओं की जेब खाली कर रहे सट्टा एजेंट, गरीबों की मेहनत की कमाई हो रही बर्बाद,कार्रवाई के दावों के बीच खुलेआम फल-फूल रहा काला कारोबार
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
कैराना। कस्बे में अवैध सट्टे का कारोबार तेजी से पैर पसारता जा रहा है। हालात यह हैं कि नगर के कई मोहल्लों, बाजारों और प्रमुख चौराहों पर खुलेआम सट्टे की खाइबाड़ी हो रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है। सट्टा माफिया बेखौफ होकर अपने एजेंटों के माध्यम से दिन-रात लाखों रुपये का खेल करा रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस अवैध कारोबार की गिरफ्त में अब युवा पीढ़ी तेजी से फंसती जा रही है।
सूत्रों की मानें तो कस्बे के कई इलाकों में सट्टा संचालकों ने अपने एजेंट तैनात कर रखे हैं, जो पर्चियों और मोबाइल फोन के जरिए लोगों से नंबर लगवाने का काम कर रहे हैं।
कस्बे में सुबह से देर रात तक अवैध सट्टे का गोरखधंधा धड़ल्ले से संचालित हो रहा है। आरोप है कि कुछ सट्टा एजेंट चाय की दुकानों, गली के नुक्कड़ों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बैठकर खुलेआम खाइबाड़ी कर रहे हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं हो रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि सट्टे की लत ने कई परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगाड़ दी है। मजदूरी और छोटी-मोटी नौकरी कर परिवार चलाने वाले लोग रातों-रात अमीर बनने के लालच में अपनी मेहनत की कमाई सट्टे में गंवा रहे हैं। कई घरों में आए दिन विवाद और तनाव की स्थिति बनी रहती है। युवाओं में बढ़ती इस प्रवृत्ति को लेकर अभिभावकों में भी चिंता बढ़ रही है। नगरवासियों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन समय-समय पर अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई के दावे तो करता है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस सख्ती से अभियान चलाए तो सट्टे का यह अवैध कारोबार एक दिन भी नहीं चल सकता। इसके बावजूद खुलेआम चल रहे इस धंधे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कस्बे के बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि सट्टा माफिया और उनके एजेंटों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही युवाओं को इस दलदल से बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाए, ताकि परिवारों को बर्बादी से बचाया जा सके।