
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
खैरथल शहर प्रमुख संत स्वामी मंगलागिरी महाराज के ब्रह्मलीन होने से क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। स्वामी मंगलागिरी कई दिनों से बीमार चल रहे थे। जयपुर के अस्पताल मे उन्होंने अंतिम सांस ली जैसे ही खबर मिली संत का देवलोकगमन हो गया शहर मे शोक की लहर छा गई। शहर के बाजार श्रृद्धा मे बंद रहे स्वामी के अंतिम दर्शन के लिए आनंद नगर शिवालय से किशनगढ रोड़ चालीस फुटा श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए निकाला गया।अंतिम दर्शनों के लिए सैकड़ों श्रद्धालुओ ने पहुचकर दर्शन किये। नमन किया शाम पांच बजे शिवालय परिसर में समाधी दी गई कई संत महात्माओं के सानिध्य में विधि विधान से समाधि की क्रिया संपन्न हुई।
स्वामी मंगलागिरी महाराज गौसेवा,निःशुल्क नेत्र रोग चिकित्सा शिविर सहित अनेकों मानव कल्याण सेवाओं में पूर्ण रूप से सहयोग के लिए देशभर में जाने जाते थे।
इस दौरान पूज्य सिन्धी पंचायत अलवर जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश रोघा, स्वामी ध्यानगिरी सेवा समिति अध्यक्ष गोविंद रोघा, लालचंद चंगानी, गोपालदास पेशवानी,नत्थूमल रामनानी, विजय बच्चानी, सेवक लालवानी,घनश्याम भारती,रूपचंद भारती,पंकज रोघा, अशोक महलवानी, मुखी टीकमदास मुरजानी, तरुण खजनानी, प्रकाश आडतानी, धर्मदास बच्चानी, लजपत निहलानी, संजय गंगवानी, बाबूलाल गोरवानी, चतर ज्ञानानी सहित बड़ी संख्या मे श्रद्धालु मौजूद रहे


