जालौन
कस्तूरबा विद्यालय निरीक्षण में खुली कागजी व्यवस्थाओं की पोल
फर्जी उपस्थिति से लेकर बदहाल सफाई तक कई खामियां उजागर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
जालौन (उरई)। बुधवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय गुढ़ा में हुए संयुक्त निरीक्षण के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाओं में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। उप जिलाधिकारी न्यायिक विश्वेश्वर सिंह एवं उप जिलाधिकारी रिंकू सिंह राही ने विद्यालय का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और सात दिन के भीतर सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान छात्राएं अध्ययनरत मिलीं, लेकिन विद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए। एक शिक्षिका की उपस्थिति पंजिका में मौजूदगी दर्ज थी, जबकि वह विद्यालय में अनुपस्थित पाई गईं। वहीं सहायक लेखाकार की उपस्थिति कई दिनों से बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में दर्ज होना पाया गया, लेकिन इस संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा सका। परिचारक की उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर नहीं मिले, जिस पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई। परिचारक के खिलाफ अनुशासनहीनता और हठधर्मिता की शिकायतें भी सामने आईं। निरीक्षण के दौरान उसके व्यवहार में भी अधिकारियों को वही रवैया देखने को मिला। विद्यालय की रसोई व्यवस्था सामान्य रूप से संतोषजनक मिली, लेकिन निर्धारित मीनू के विपरीत भोजन तैयार कराया गया था। हालांकि पंजिका में तैयार भोजन का सही उल्लेख पाया गया। विद्यालय में पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित मिली। वार्डन ने अधिकारियों को बताया कि सुबह सबमर्सिबल खराब हो गया था और इलेक्ट्रिशियन को सूचना देने के बावजूद वह मरम्मत के लिए नहीं पहुंचा। निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में घास-फूस और झाड़ियां उगी मिलीं, जिससे छात्राओं को स्वच्छ वातावरण नहीं मिल पा रहा था। कई कमरों में मकड़ी के जाले भी पाए गए। हैरानी की बात यह रही कि एक वर्ष पूर्व उपलब्ध कराई गई बड़ी वाशिंग मशीन अब तक स्थापित नहीं की गई थी। वार्डन ने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि सात दिन के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करा दी जाएंगी। इस पर अधिकारियों ने खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि विद्यालय की सभी कमियों को तत्काल दूर कराया जाए और शासन की मंशा के अनुरूप छात्राओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।


