बोकारो

नावाडीह कृषक पाठशाला में जिला स्तरीय खरीफ फसल कार्यशाला का आयोजन 

किसानों को दी गई आधुनिक खेती की जानकारी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

बोकारो। जिला कृषि कार्यालय बोकारो के तत्वावधान में नावाडीह स्थित कृषक पाठशाला परिसर में जिला स्तरीय खरीफ फसल कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य किसानों को खरीफ फसलों की उन्नत खेती, नई तकनीकों, सरकारी योजनाओं एवं कृषि आधारित आय के विभिन्न विकल्पों की जानकारी देना था। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला परिषद सदस्य फुलमती देवी, जिला कृषि पदाधिकारी मो. शाहिद, जिला गव्य विकास एवं पशुपालन पदाधिकारी डॉ. असीम, कृषि विज्ञान केन्द्र की वैज्ञानिक सुष्मा सरोज, भूमि संरक्षण पदाधिकारी शशि रंजन, प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार हेम्ब्रम तथा आदर्श ग्राम विकास सेवा समिति के सचिव बासुदेव शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी मो. शाहिद ने किसानों को खरीफ मौसम में धान, मक्का, दलहन एवं तिलहन जैसी फसलों की वैज्ञानिक खेती की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर बुआई, उन्नत एवं प्रमाणित बीजों का उपयोग, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण के वैज्ञानिक उपाय अपनाने चाहिए, जिससे उत्पादन बढ़ाया जा सके। उन्होंने सरकार द्वारा संचालित कृषि योजनाओं, बीज वितरण, अनुदान एवं कृषि यंत्रीकरण योजनाओं की भी जानकारी दी।

मुख्य अतिथि फुलमती देवी ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और आधुनिक तकनीक अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने और वैज्ञानिक खेती की ओर अग्रसर होने की अपील की।

जिला गव्य विकास एवं पशुपालन पदाधिकारी डॉ. असीम ने किसानों को पशुपालन, डेयरी एवं कृषि आधारित अन्य गतिविधियों को खेती के साथ जोड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मिश्रित खेती और पशुपालन किसानों की अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है।

कृषि विज्ञान केन्द्र की वैज्ञानिक सुष्मा सरोज ने खरीफ फसलों में लगने वाले रोगों एवं कीटों की रोकथाम, जैविक खेती, मृदा परीक्षण तथा संतुलित उर्वरक उपयोग के बारे में किसानों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को ध्यान में रखते हुए खेती करने के वैज्ञानिक उपाय भी बताए।

भूमि संरक्षण पदाधिकारी शशि रंजन ने जल संरक्षण, मृदा संरक्षण एवं खेतों में नमी बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की। वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार हेम्ब्रम ने किसानों को सरकारी योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया और कहा कि प्रशासन किसानों के हित में हर संभव सहयोग के लिए तत्पर है।

आदर्श ग्राम विकास सेवा समिति के सचिव बासुदेव शर्मा ने कहा कि कृषक पाठशाला के माध्यम से किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं नई कृषि पद्धतियों की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है, ताकि किसान आधुनिक खेती अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें।

कार्यशाला में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। इस दौरान किसानों ने कृषि विशेषज्ञों से अपनी समस्याएं साझा कीं तथा उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में खरीफ फसल उत्पादन बढ़ाने, जल संरक्षण, कृषि यंत्रीकरण एवं आय वृद्धि के विभिन्न उपायों पर विशेष जोर दिया गया।
मौके पर प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ कमलेश, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, बीटीएम बबलू सिंह, बिनोद जयसवाल, तारकेश्वर महतो, सारजन कुमार, कुलदीप कुमार, संतोष कुमार, श्यामलाल कुमार, प्रणव कुमार, अनवर अंसारी, भुनेशवर महतो, अजय कुमार, अरुण कुमार, रंजीत कुमार आदि उपस्थित थे।

 

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