
नई दिल्ली । राष्ट्रमंडल खेल 2030 की मेजबानी अहमदाबाद को करनी है। अभी इसमें चार साल का समय बाकी है, लेकिन आयोजकों ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। आइए जानते हैं इसे लेकर क्या प्लान बनाया गया है।
राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी कर रहे अहमदाबाद को देश की खेल राजधानी बनाने की कमर कस ली गई है। 2030 में इन खेलों के लिए स्टेडियमों और स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का जाल बिछाने की तैयारी हो गई है। कुछ स्टेडियम व स्पोर्ट्स कांप्लेक्स तैयार हैं, जबकि बड़ी संख्या में अन्य स्टेडियमों और कांप्लेक्स का निर्माण 2029 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नरेंद्र मोदी स्टेडियम को मुख्य केंद्र बनाने की तैयारी
दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम नरेंद मोदी स्टेडियम को खेलों का मुख्य केंद्र बनाने की तैयारी कर ली गई है।
इस स्टेडियम के आसपास 335 एकड़ के क्षेत्र में सरदार वल्लभ भाई स्पोर्ट्स एन्क्लेव स्थापित किया जा रहा है
इसमें एक्वेटिक सेंटर, टेनिस सेंटर, मल्टीपरपज एरीना शामिल हैं।
इसके अलावा शहर में एथलेटिक, फुटबाल, हॉकी स्टेडियम के अलावा शूटिंग रेंज स्थापित की जा रही है।
टेनिस शो कोर्ट भी बनेगा-सरदार वल्लभ भाई एन्क्लेव में होने वाले निर्माण 2029 के दूसरे से तीसरे क्वार्टर तक तैयार होंगे। टेनिस सेंटर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का टेनिस शो कोर्ट बनेगा। गुजरात पुलिस अकादमी में बनने वाले एथलेटिक्स स्टेडियम की क्षमता 50 हजार होगी। ज्यादातर निर्माण सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) से होगा। अहमदाबाद में राष्ट्रमंडल खेलों से पहले 2029 में विश्व पुलिस फायर गेम्स भी होंगे। शहर 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी का भी दावेदार है। विजयी भारतीय फाउंडेशन के संस्कार धाम में भी राष्ट्रमंडल खेलों के कुछ इवेंट होने की संभावना है। फाउंडेशन के सीओओ आदित्य अवस्थी के अनुसार, राष्ट्रीय खेल करा चुके कांप्लेक्स में 2028 तक एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, कुश्ती की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
गांधीनगर में बिछेंगे दो एस्ट्रोटर्फ-गुजरात सरकार की ओर से इस वक्त नरेंद्र मोदी स्टेडियम के अलावा 835 करोड़ रुपये की लागत से वीर सावरकर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का निर्माण कराया जा चुका है। इस कांप्लेक्स में एक्वेटिक स्टेडियम वुशु, ताइक्वांडो का हाई परफॉरमेंस सेंटर, अत्याधुनिक इंडोर हॉल और स्पोर्ट्स कम्यूनिटी सेंटर स्थापित किया जा चुका है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम पहले से ही तैयार है। आईआईटी गांधीनगर में हॉकी के लिए दो एस्ट्रोटर्फ बिछाने की योजना है।



