ललितपुर
केमिकल से पकाए जा रहे आम, लोगों की सेहत पर मंडरा रहा खतरा
हर क्रेट के साथ मिल रहे केमिकल पाउच

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। गर्मी के मौसम में आम की बढ़ती मांग के बीच बाजार में केमिकल से पकाए गए आमों की बिक्री धड़ल्ले से होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। जानकारों के अनुसार कई व्यापारियों द्वारा कच्चे आमों को कृत्रिम रूप से जल्दी पकाने के लिए रासायनिक पदार्थों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं की सेहत पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। बताया जाता है कि आम की प्रत्येक क्रेट के साथ चार से छह केमिकल पाउच दिए जा रहे हैं। इन रसायनों के प्रभाव से कच्चे आम कुछ ही घंटों में पीले होकर पके हुए दिखाई देने लगते हैं। हालांकि बाहरी रूप से आकर्षक दिखने वाले ये फल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि केमिकल से पकाए गए फलों के लगातार सेवन से पेट संबंधी समस्याएं, एलर्जी, उल्टी, दस्त, सिरदर्द तथा अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसके बावजूद बाजार में ऐसे आमों की बिक्री खुलेआम जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खाद्य सामग्री, फल-फ्रूट तथा फलों के रस की दुकानों पर नियमित जांच नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि मानव स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर विषय पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को विशेष अभियान चलाकर जांच करनी चाहिए, ताकि मिलावटी और केमिकलयुक्त फलों की बिक्री पर रोक लगाई जा सके। नागरिकों ने मांग की है कि बाजार में बिक रहे आमों और अन्य फलों के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही लोगों को भी जागरूक किया जाए कि वह प्राकृतिक रूप से पके हुए फलों की पहचान कर सकें और अपने स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सकें।
जनता का सवाल
बाजार में रोजाना बिक रही खाद्य सामग्री, फल-फ्रूट और फलों के रस की गुणवत्ता की निगरानी किस प्रकार की जा रही है? यदि केमिकलयुक्त फलों की बिक्री हो रही है तो संबंधित विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई दे रही? यह सवाल आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।



