
हाथरस। हाथरस में सीएम योगी आदित्यनाथ ने विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करते हुए अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला और राम भक्तों पर गोली चलाने की घटना याद दिलाई। उन्होंने सपा पर विकास का पैसा कब्रिस्तान की दीवारों पर लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार मंदिरों के सुंदरीकरण पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को हाथरस के सलेमपुर इंडस्ट्रियल एरिया पहुंचे। अपने इस दौरे पर सीएम योगी ने हाथरस की जनता को 548 करोड़ रुपये की लागत वाली 143 विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। उन्होंने वहां लोकल प्रोडक्ट्स के स्टॉल्स का मुआयना किया, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक बांटे और साथ ही छोटे बच्चों को अपने हाथों से खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन भी कराया।
प्रोग्राम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव के एक बयान पर जमकर चुटकी ली। योगी ने कहा, “अखिलेश यादव कह रहे हैं कि उनकी सरकार आएगी तो वे अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएंगे। अरे, आप क्या बनाएंगे! अपना इतिहास तो देखिए, राम भक्तों पर गोली आप ही के लोगों और आपकी सरकार ने चलाई थी।” उन्होंने आगे कहा कि आज जब पीएम मोदी के नेतृत्व में अयोध्या त्रेता युग जैसी चमक रही है, तो विपक्ष के मुंह में भी पानी आने लगा है।
सीएम योगी ने सपा सरकार के पुराने दिनों की याद दिलाते हुए कहा कि उनके समय में थानों और जेलों में कृष्ण जन्माष्टमी मनाने पर रोक थी और कांवड़ यात्रा पर भी बैन लगा दिया गया था। उन्होंने कहा, आज हाथरस में 22 से ज्यादा मंदिरों का सुंदरीकरण हुआ है। क्या यह सपा के राज में मुमकिन था? बिल्कुल नहीं, क्योंकि उनके समय में विकास का पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्रीवॉल के लिए जाता था। हमारी सरकार ने वही पैसा मंदिरों की तरफ डायवर्ट किया है, क्योंकि कब्रिस्तान की नहीं, आस्था के केंद्र मंदिरों की जरूरत है।”
योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए कहा कि अयोध्या को राम भक्तों ने पहले ही पूरी तरह सजा और संवार दिया है। अब वे उसकी चिंता छोड़ें, अपने पुराने किए पर पश्चाताप करें और एक बार जाकर रामलला के दर्शन कर लें ताकि उन्हें थोड़ी सद्बुद्धि आए। सीएम ने चैलेंज देते हुए कहा, “अगर आप सचमुच खुद को धार्मिक दिखाना चाहते हैं, तो अब मथुरा-वृंदावन और श्री कृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोलिए। कहिए कि राम जन्मभूमि आंदोलन की तरह कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का भी अभियान चलना चाहिए।”
मुल्ला-मौलवियों के सामने घुटने टेकने वाले विकास क्या करेंगे?
सीएम योगी ने विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए कहा कि उनकी सरकार मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं को वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं देने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है। लेकिन विपक्ष में इसके लिए हिम्मत नहीं है। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा, “आपके पास मुल्ला और मौलवियों के सामने घुटने टेकने के सिवाय कोई और एजेंडा नहीं है। आपके पास अयोध्या, मथुरा या काशी की पौराणिक पहचान को बचाने की कोई सोच नहीं है। इसलिए जनता की आंखों में धूल झोंकना बंद करिए और ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ वाली कहावत को सच मत करिए। अयोध्या अपनी पहचान के लिए किसी की मोहताज नहीं है।



