बेतुल

बैतूल वेतन और प्रोत्साहन राशि की मांग को लेकर आशाओं ने किया प्रदर्शन

18 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा

जिला उद्योग केंद्र से कलेक्ट्रेट तक निकाली रैली,कहा समय पर प्रोत्साहन राशि और वेतन का नही किया जाता भुगतान,1 दिवसीय धरने के साथ अपनी मांगे कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँचकर रखी
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
बैतूल  जिला मुख्यालय पर  वेतन, प्रोत्साहन राशि और लंबित भुगतान समेत विभिन्न मांगों को लेकर आशा, ऊषा एवं आशा पर्यवेक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सोमवार को आशा कार्यकर्ताओं और आशा पर्यवेक्षकों ने जिला उद्योग केंद्र के सामने धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक के नाम कलेक्टर को 18 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
        म.प्र. आशा आशा सहयोगिनि श्रमिक संघ जिला अध्यक्ष श्रीमती किरण कालभोर ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत आशा एवं आशा पर्यवेक्षक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर टीकाकरण, जनस्वास्थ्य अभियानों और शासन की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें समय पर प्रोत्साहन राशि और वेतन का भुगतान नहीं किया जाता तथा भुगतान में कटौती और महीनों की देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
       उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से हर माह की 5 तारीख तक नियमित भुगतान के निर्देश जारी किए जाते हैं, लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा है। कई बार तीन-तीन से चार-चार माह तक भुगतान लंबित रखा जाता है और बाद में आंशिक राशि देकर पूरा भुगतान होने की बात कह दी जाती है। इससे आशा कार्यकर्ताओं के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है।
संयुक्त मोर्चा ने बताया कि वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा आशा एवं आशा पर्यवेक्षकों के लिए प्रतिवर्ष एक हजार रुपये वेतन वृद्धि की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक इसका लाभ नहीं दिया गया, जबकि अन्य वर्गों को इसका भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने इस राशि का एरियर सहित भुगतान करने की मांग की।
ये रहीं प्रमुख मांगें
संयुक्त मोर्चा ने ज्ञापन में प्रत्येक माह की 5 तारीख तक बिना कटौती नियमित वेतन और प्रोत्साहन राशि का भुगतान, वेतन भुगतान में पारदर्शिता और वेतन पर्ची उपलब्ध कराने, अनुचित कटौती की गई राशि का एरियर सहित भुगतान, एक हजार रुपए की वार्षिक वेतन वृद्धि लागू करने, आशाओं को 10 हजार रुपए निश्चित मासिक वेतन तथा 26 हजार रुपए न्यूनतम वेतन, पर्यवेक्षकों को 35 हजार रुपए वेतन एवं पृथक यात्रा भत्ता देने की मांग की।
इसके अलावा गैर विभागीय कार्य नहीं कराने, अतिरिक्त कार्य का अलग भुगतान करने, आयुष्मान कार्ड बनवाने में खर्च हुई राशि लौटाने, बिना जांच वेतन कटौती और सेवा समाप्ति पर रोक लगाने, रिक्त पदों पर भर्ती, टीम आधारित इंसेंटिव, शासकीय अस्पतालों के निजीकरण का निर्णय वापस लेने, ड्रेस, स्वेटर, जूते व छाता के लिए वार्षिक सहायता राशि देने सहित 18 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई की मांग की गई।
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