बेतुल
बैतूल हिवरखेड़ पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप
सरपंच के खिलाफ उपसरपंच ने की शिकायत फर्जी बिलों से लाखों के भुगतान का मामला

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। विकासखंड प्रभात पट्टन की ग्राम पंचायत हिवरखेड़ में पंचायत निधि के कथित दुरुपयोग और फर्जी बिलों के जरिए लाखों रुपये के भुगतान का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत की उपसरपंच डॉ. मीना गव्हाड़े ने बैतूल कलेक्टर को शिकायत सौंपकर सरपंच विश्वनाथ धोटे के कार्यकाल वर्ष 2022-23 से वर्ष 2025 तक किए गए सभी भुगतानों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में स्टेशनरी, जेसीबी, पौधों की खरीदी, वेल्डिंग रिपेयर सहित अन्य मदों में फर्जी बिल लगाकर पंचायत निधि के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
उपसरपंच डॉ. मीना गव्हाड़े ने शिकायत में आरोप लगाया है कि सरपंच विश्वनाथ धोटे ने वर्ष 2022-23 से वर्ष 2025 के बीच स्टेशनरी सामग्री के नाम पर लगभग 71 हजार रुपये के फर्जी बिल लगाकर पंचायत खाते से भुगतान कराया, जबकि बिलों में दर्शाई गई सामग्री का एक भी सामान पंचायत कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। इसी प्रकार जेसीबी मशीन से कराए गए कार्यों के नाम पर भी फर्जी बिल लगाकर भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार जिस फर्म की जेसीबी मशीन के बिल लगाए गए हैं, उसकी मशीन पंचायत के किसी भी कार्य में नहीं चली, इसके बावजूद हजारों रुपये का भुगतान कर दिया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पौधों की खरीदी, वेल्डिंग रिपेयर तथा अन्य सामग्री के नाम पर भी फर्जी बिलों के माध्यम से पंचायत खाते से राशि निकाली गई। कई बिल बिना जीएसटी के लगाए गए हैं। उपसरपंच का आरोप है कि इन माध्यमों से पंचायत की लाखों रुपये की राशि का गबन किया जा रहा है तथा निकाली गई राशि का उपयोग सरपंच निजी खर्चों में कर रहा है।
डॉ. मीना गव्हाड़े ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में स्वीकृत निर्माण कार्य समय पर शुरू नहीं किए जा रहे हैं, जिसके कारण गांव की सड़कें जर्जर हो चुकी हैं और नालियों का गंदा पानी रास्तों पर बह रहा है। ग्रामवासी लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि पंचायत के खातों में पर्याप्त राशि उपलब्ध होने के बावजूद विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत की नियमित बैठकें आयोजित नहीं की जा रही हैं और सरपंच द्वारा मनमाने ढंग से कार्य किए जा रहे हैं। उपसरपंच का आरोप है कि पंचायत के बिलों और भुगतानों की जानकारी भी जनप्रतिनिधियों को नहीं दी जाती, जिससे वित्तीय पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उपसरपंच डॉ. मीना गव्हाड़े ने कलेक्टर से मांग की है कि वर्ष 2022-23 से वर्ष 2025 तक ग्राम पंचायत हिवरखेड में किए गए सभी बिलों, भुगतानों और खरीदी की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा यदि अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उल्लेखनीय है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और मामले की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



