बेतुल

बैतूल आदिवासियों की पुश्तैनी जमीन पर कब्जे का आरोप

स्कूल और मस्जिद निर्माण पर कलेक्टर से शिकायत रसूखदारों ने हड़पी आदिवासी बहनों की जमीन! जनसुनवाई में पहुंचा कब्जे का मामला

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
बैतूल। घोड़ाडोंगरी तहसील की शोभापुर कॉलोनी में आदिवासी समाज की पुश्तैनी जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचा है। गोंड समाज की दो बहनों सुकिया और सुनीता, पिता स्व. सोमा गोंड, ने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि उनकी वारिसान हक की भूमि पर रसूखदार लोगों ने जबरन कब्जा कर लिया है। उनका दावा है कि कब्जे वाली भूमि पर प्ले स्कूल संचालित किया जा रहा है तथा समीप धार्मिक निर्माण भी कर दिया गया है। पीड़ितों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कब्जा हटाने और उन्हें उनकी जमीन वापस दिलाने की मांग की है।
शिकायत के अनुसार मौजा बगडोना स्थित खसरा नंबर 146/1 एवं 146/2, कुल रकबा 1.247 हेक्टेयर भूमि उनके पिता की मृत्यु के बाद उनके नाम दर्ज है। आवेदन में मंजूर अहमद रिजवी और फारुख अहमद रिजवी पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया है। महिलाओं का कहना है कि उनकी भूमि पर मोम टू मोम प्ले स्कूल संचालित किया जा रहा है, जबकि खसरा नंबर 146/3 की भूमि पर मस्जिद का निर्माण किया गया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि संबंधित भूमि के वैध दस्तावेजों के बिना स्कूल को मान्यता कैसे दी गई।
महिलाओं ने आरोप लगाया है कि जब भी राजस्व विभाग की टीम सीमांकन के लिए पहुंचती है, तब कब्जाधारी पटवारी के साथ मिलीभगत कर जांच को प्रभावित करते हैं। उनका दावा है कि उनकी निजी भूमि को डब्ल्यूसीएल की जमीन बताकर अधिकारियों को गुमराह किया जाता है, जिससे कब्जा बना रहे। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें अपनी ही जमीन पर खेती करने से रोका जा रहा है।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जमीन खाली करने की बात कहने पर उनके साथ अभद्रता की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने जिला प्रशासन से भूमि का सीमांकन कराने, अवैध कब्जा हटाने तथा आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल शिकायत पर प्रशासनिक जांच की प्रक्रिया अपेक्षित है और लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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