बेतुल
बैतूल नाबालिग के अवैध गर्भपात मामले में महिला डॉक्टर गिरफ्तार, पुलिस ने बढ़ाईं गंभीर धाराएं
आप के ज्ञापन के महज 48 घंटे बाद कार्रवाई

मुलताई कांड में पुलिस का बड़ा एक्शन
पॉक्सो और एमटीपी एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। मुलताई थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म और कथित अवैध गर्भपात के चर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांढुर्णा निवासी महिला डॉक्टर चेतना चरपे को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में बिना पंजीकृत क्लीनिक में नाबालिग का कथित रूप से अवैध गर्भपात कराए जाने, इसकी सूचना पुलिस को नहीं देने और महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट किए जाने के आरोप सामने आने के बाद भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो अधिनियम और मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) एक्ट की विभिन्न धाराएं प्रकरण में जोड़ी गई हैं।
यह कार्रवाई आम आदमी पार्टी द्वारा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले में सह-आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग किए जाने के लगभग 48 घंटे बाद हुई। पार्टी के जिला अध्यक्ष विनोद जगताप ने ज्ञापन में आरोप लगाया था कि नाबालिग पीड़िता का लगातार यौन शोषण किया गया, जिससे वह गर्भवती हो गई। आरोप यह भी लगाया गया था कि मामले को दबाने के उद्देश्य से उसका कथित रूप से अवैध गर्भपात कराया गया, जिससे उसकी जान जोखिम में पड़ गई। ज्ञापन में दोषियों की गिरफ्तारी, पीड़िता की सुरक्षा, निःशुल्क उपचार और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की गई थी।
पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर महिला डॉक्टर की गिरफ्तारी की गई। जांच में बिना पंजीकृत क्लीनिक में गर्भपात कराए जाने, इसकी सूचना पुलिस को नहीं दिए जाने तथा महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट किए जाने संबंधी आरोपों के आधार पर प्रकरण में अतिरिक्त धाराएं जोड़ी गई हैं। मामले में मुख्य आरोपी मोनू साहू को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस का कहना है कि प्रकरण की विवेचना अभी जारी है और जांच में जो भी व्यक्ति अपराध में संलिप्त पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस ने महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की सूचना तत्काल देने की अपील करते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।



