टिहरी झील से प्रभावितों का नौवें दिन भी जारी रहा भल्डगांव का धरना
दो माह के आश्वासन पर ग्रामीणों ने दो टूक कहा—अब और इंतजार नहीं

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
उत्तरकाशी ग्रामसभा भल्डगांव के विस्थापन एवं पुनर्वास की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना आज नौवें दिन भी जारी रहा। गुरुवार को धरना स्थल पर राज्य मंत्री स्तर के उपाध्यक्ष, भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण के राम सुंदर नौटियाल, उत्तरकाशी की अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्रा तथा टिहरी गढ़वाल पुनर्वास विभाग के अधिकारी पहुंचे।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से वार्ता कर मामले के समाधान के लिए दो माह का अतिरिक्त समय मांगा। इस दौरान टिहरी गढ़वाल की जिलाधिकारी से भी फोन पर ग्रामीणों की वार्ता कराई गई। जिलाधिकारी की ओर से भी लगभग दो माह का समय मांगा गया और अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि इस अवधि में मामले को आगे बढ़ाया जाएगा।
लेकिन वर्षों से विस्थापन और पुनर्वास की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे ग्रामीणों ने इस बार साफ शब्दों में कह दिया कि अब आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए। ग्रामीणों का कहना था कि जब समस्या वर्षों से लंबित है तो बार-बार समय मांगकर मामले को टालने का कोई औचित्य नहीं है।
ग्रामीणों ने अधिकारियों से दो टूक कहा कि “जहां इतना लंबा समय बीत चुका है, वहां दो महीने और इंतजार करने की मजबूरी हम पर नहीं थोपी जा सकती। हमें आश्वासन नहीं, अपने गांव के सुरक्षित विस्थापन एवं पुनर्वास की स्पष्ट और निर्णायक कार्रवाई चाहिए।”
ग्रामीणों के असहमति जताने के बाद अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा और धरना समाप्त नहीं हुआ। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक भल्डगांव के विस्थापन एवं पुनर्वास को लेकर ठोस निर्णय और कार्रवाई सामने नहीं आती, तब तक उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी हर बार वार्ता और समय का भरोसा देकर लौट जाते हैं, लेकिन अब भल्डगांव की जनता समय नहीं, समाधान चाहती है। नौवें दिन भी ग्रामीणों का यही संदेश रहा—“आश्वासन बहुत मिल चुके, अब लिखित और धरातल पर दिखाई देने वाली कार्रवाई चाहिए।”



