
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। सड़कों पर पानी के छिड़काव की तरह डिवाइडर के किनारे जमा धूल-मिट्टी हटाने के नाम पर भी फर्जीवाड़ा किया गया। नगर निगम ने सात वाहनों से सफाई के लिए एजेंसी रखी है जिसे हर दिन 280 किमी. लंबी सड़कों की सफाई करनी है। एजेंसी ने निगम की आंखों में धूल झोंकते हुए मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें सिर्फ कागजों पर चलाईं। डिवाइडरों के किनारे धूल की मोटी परतें जमा हैं। निगम के अधिकारियों ने निरीक्षण किया तो पोल खुल गई। अब राज राजेश्वरी एंटरप्राइजेज को कारण बताओ नोटिस जारी कर जीपीएस रिपोर्ट और तस्वीरों के साथ सफाई का ब्योरा मांगा है। सहायक नगर आयुक्त के मुताबिक निरीक्षण में मशीनों से सफाई नहीं मिली। जिन रूटों पर धूल हटानी थी वहां ढेर लगे हैं। एक जुलाई से 18 अगस्त के बीच परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग में गंदगी मिली जबकि कंपनी सात वाहन चलाने का दावा करती रही। हर वाहन को 40 किमी. तक सफाई करने का जिम्मा दिया गया है। माल रोड, फतेहाबाद रोड, एमजी रोड, एमजी रोड-टू समेत अन्य सड़कों पर मेट्रो और सीएम ग्रिड के काम के कारण सड़कें खुदी पड़ी हैं। नगर निगम हर माह एजेंसी को 65 लाख रुपये तक का भुगतान करता है।



