इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को फिलहाल गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की है

कानपुर : थाना बर्रा क्षेत्र से जुड़े एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को फिलहाल गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की है। न्यायालय ने मामले को विचार योग्य मानते हुए प्रतिवादी पक्ष को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं मामला 25 जून 2026 का है, जब थाना बर्रा (कमिश्नरेट कानपुर नगर) में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 352 एवं 109(1) के तहत एक FIR दर्ज की गई थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट के समक्ष दलील दी कि इसी घटनाक्रम से जुड़े विवाद में उसी दिन दूसरे पक्ष के विरुद्ध भी FIR दर्ज कराई गई थी याचिकाकर्ता की ओर से न्यायालय को अवगत कराया गया कि दूसरे पक्ष के पुत्र के विरुद्ध BNS की धारा 79 तथा पाक्सो एक्ट की धारा 11/12 के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था याचिका में आरोप लगाया गया कि इसके बाद याचिकाकर्ता के विरुद्ध दर्ज कराई गई FIR दुर्भावनापूर्ण है। पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि को देखते हुए इस मामले पर अदालत द्वारा विचार किया जाना अत्यंत आवश्यक है हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका पर विचार करने का निर्णय लिया और प्रतिवादी पक्ष को चार सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट (जवाब) दाखिल करने का समय दिया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है कोर्ट ने आदेश दिया है कि अगली सुनवाई (23 अक्टूबर 2026) तक याचिकाकर्ता को 25 जून 2026 की संबंधित FIR के आधार पर गिरफ्तार नहीं किया जाएगा अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि यह आदेश दर्ज FIR को समाप्त करने का अंतिम आदेश नहीं है, बल्कि फिलहाल याचिकाकर्ता को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण मिला है। आगामी सुनवाई के दौरान अदालत दोनों पक्षों के तथ्यों और प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर अंतिम फैसला लेगी याचिकाकर्ता पक्ष का कहना है कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है वे चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और सभी तथ्य अदालत के सामने आएं, ताकि सत्य उजागर हो सके और किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।



