कानपुर
महिला उद्यमियों ने हरियाली तीज महोत्सव का भव्य आयोजन किया

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कानपुर : श्रावण मास की हरियाली, प्रकृति की मनोहारी छटा और भारतीय संस्कृति की समृद्ध एवं मधुर परम्पराओं के प्रतीक पावन पर्व ‘हरियाली तीज’ के शुभ अवसर पर कोआप.इस्टेट वूमेन इन्टरप्रेन्योर्स विंग की उद्यमी सदस्यों द्वारा होटल इम्पीरियल, दादा नगर में भव्य सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला उद्यमियों ने पारम्परिक परिधानों में सज-धजकर पूरे उत्साह, उल्लास और आत्मीयता के साथ हरियाली तीज महोत्सव मनाया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि किरन गुप्ता (अशोक गृह उद्योग प्रा.लि.) द्वारा किया गया। इस अवसर पर कोआप.इस्टेट वूमेन इन्टरप्रेन्योर्स विंग की प्रेसीडेन्ट रमन कपूर एवं उपस्थित महिला उद्यमियों ने मुख्य अतिथि किरन गुप्ता का गर्मजोशी एवं आत्मीयता के साथ स्वागत किया। हरियाली तीज महोत्सव में भारतीय संस्कृति और परम्पराओं की मनमोहक छटा देखने को मिली। श्रावण मास के इस पावन पर्व की उमंग और हरियाली के उत्साह के बीच महिला उद्यमियों ने मधुर गीत-संगीत, मनमोहक नृत्य एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों के माध्यम से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उत्सव में परम्परा और आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिला, जहां एक ओर भारतीय संस्कृति के पारम्परिक रंगों को जीवंत किया गया, वहीं दूसरी ओर महिला उद्यमियों ने एक-दूसरे के साथ संवाद, सहयोग और सहभागिता को भी मजबूत किया। प्रेसीडेन्ट रमन कपूर ने कहा कि भारतीय पर्व और त्योहार हमारी संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं, जो हमें अपनी परम्पराओं से जोड़ने के साथ-साथ समाज में प्रेम, सद्भाव, एकता और पारस्परिक सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं। हरियाली तीज जैसे पर्व विशेष रूप से महिलाओं के जीवन में उल्लास, उमंग और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। मुख्य अतिथि किरन गुप्ता ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन हमारी परम्पराओं को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ महिलाओं में एकजुटता और आत्मविश्वास की भावना को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कोआप.इस्टेट वूमेन इन्टरप्रेन्योर्स विंग द्वारा महिला उद्यमियों को संगठित कर विभिन्न रचनात्मक एवं सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयासों की प्रशंसा की। इस भव्य आयोजन के माध्यम से महिला उद्यमियों के बीच आपसी सामंजस्य, प्रेम, सहयोग और सद्भावना का और अधिक प्रसार हुआ।



