कानपुर
रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में शिक्षकों के लिए मनोविज्ञान आधारित प्रशिक्षण सत्र आयोजित हुई

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कानपुर : रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास एवं विद्यार्थियों को बेहतर ढंग से समझने के उद्देश्य से मनोविज्ञान आधारित विशेष शिक्षक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बच्चों के व्यवहार, भावनाओं, सोचने के तरीके तथा उनकी अलग-अलग बौद्धिक क्षमताओं को समझने के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराया गया। कार्यक्रम में आर.एल. बुक्स से गौरव, क्षेत्रीय विक्रय प्रबंधक शुभम, वरिष्ठ विक्रय प्रबंधक वैभव तथा प्रशिक्षक सागर उपस्थित रहे। रॉयल ड्रीम वर्ल्ड इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या सपना सिंह ने सभी अतिथियों एवं प्रशिक्षकों का स्वागत किया तथा उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। प्रशिक्षण सत्र को बेहद रोचक, संवादात्मक एवं गतिविधि आधारित रखा गया। विभिन्न खेलों एवं गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को यह समझाया गया कि प्रत्येक बच्चा अलग होता है और उसकी सीखने की क्षमता, रुचि, भावनात्मक प्रतिक्रिया तथा समझने का स्तर भी अलग-अलग हो सकता है। इसलिए एक शिक्षक के लिए केवल विषय पढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं को समझना भी अत्यंत आवश्यक है। सत्र के दौरान शिक्षकों ने यह भी सीखा कि बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों की सोच, अपेक्षाओं और भावनाओं को समझते हुए प्रभावी संवाद कैसे स्थापित किया जा सकता है। बच्चों की विभिन्न बौद्धिक क्षमताओं और सीखने के स्तर को पहचानकर उनकी आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षण पद्धति में किस प्रकार बदलाव किया जाए, इस पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण के दौरान भावनात्मक समझ, बाल मनोविज्ञान, बच्चों के व्यवहार को समझने तथा प्रभावी शिक्षण तकनीकों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक तरीके से जानकारी दी गई। शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ सभी गतिविधियों में भाग लिया और अपने अनुभव भी साझा किए। रॉयल ग्रुप के चेयरमैन रोहित मिश्रा ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण सत्र शिक्षकों को बेहतर शिक्षक बनने के साथ-साथ बच्चों के साथ अधिक संवेदनशील, सकारात्मक और प्रभावी तरीके से जुड़ने में सहायता करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त सीख को कक्षा-कक्ष में लागू कर विद्यार्थियों के शैक्षिक, भावनात्मक एवं समग्र विकास को और बेहतर बनाया जा सकता है। पूरे प्रशिक्षण सत्र का वातावरण सीखने, सहभागिता और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहा। सभी शिक्षकों ने इस प्रशिक्षण को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता व्यक्त की।



