
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। जिले की ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। ग्रामीण क्षेत्र की करीब 150 ऐसी संपत्तियों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें अब किराये पर दिया जाएगा। इससे पंचायतों की खुद की आय यानी ओएसआर में बढ़ोतरी होगी। जिला पंचायत राज विभाग के अनुसार, जिन ग्राम पंचायतों के पास दुकानें, खाली मैदान, पंचायत घर, बारात घर और अन्य भवन हैं और वे उपयोग में नहीं हैं, उन्हें किराए पर देने की योजना है। इसके लिए सभी ब्लाकों से सूची मांगी गई है। करीब 150 संपत्तियों को पहले चरण में किराये पर दिया जाएगा। इसके साथ ही महावन और गोवर्धन क्षेत्र में दो नए शापिंग कांप्लेक्स बनाए जाएंगे। इन दोनों स्थानों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक रहती है। शापिंग कांप्लेक्स बनने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और पंचायतों को नियमित आय होगी। इन कांप्लेक्स के लिए जमीन चिन्हित करने का काम शुरू कर दिया गया है। विभाग ने यह भी निर्णय लिया है कि जिन ग्राम पंचायतों की दुकानें और मैदान पहले से किराये पर हैं, उनके किराये की समीक्षा की जाएगी। कई जगह वर्षों से पुराने किराये पर दुकानें दी गई हैं। अब बाजार दर के अनुसार किराया बढ़ाया जाएगा। छटीकरा और अडींग जैसी पंचायतों में दुकानों का किराया बढ़ाकर 750 रुपये प्रतिमाह किया भी जा चुका है। डीपीआरओ धनंजय जायसवाल का कहना है कि ओएसआर बढ़ने से पंचायतें अपने स्तर पर ही सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और सड़क मरम्मत जैसे कार्य करा सकेंगी। उन्हें शासन की सहायता पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सभी ग्राम पंचायत सचिवों को 30 अगस्त तक ओएसआर सृजन का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।



