दिल्लीराजनीतिराष्ट्रीय

‘देश में चीनी की कोई कमी नहीं’, आईएसएमए का दावा

नई दिल्ली । उद्योग जगत की संस्था आईएसएमए का कहना है कि उसे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में चीनी की खुदरा कीमतों में गिरावट आएगी। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
देश में चीनी की बढ़ती कीमतों से परेशान उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। उद्योग जगत की प्रमुख संस्था इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईएसएमए/इस्मा) ने साफ किया है कि भारत में चीनी की कोई कमी नहीं है। आईएसएमए को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में खुदरा चीनी की कीमतों में गिरावट आएगी, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
आईएसएमए के अध्यक्ष नीरज शिरगाओकर ने चीनी के दाम बढ़ने के पीछे के कारणों का विस्तार से खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कीमतों में वृद्धि मुख्य रूप से बाजार में सट्टेबाजी की गतिविधियों के कारण हुई है। इसके साथ ही, व्यापारियों द्वारा चीनी का अधिक भंडारण भी एक बड़ा कारण रहा है। इससे बाजार में कृत्रिम कमी का माहौल बना। मौसम संबंधी चुनौतियों के कारण गन्ने की फसल प्रभावित हुई। इससे चीनी का कुल उत्पादन अनुमान से कम रहा। इन सभी कारकों ने मिलकर बाजार में अस्थायी दबाव पैदा किया। परिणामस्वरूप, चीनी की कीमतें ऊपर चढ़ गईं।
चीनी की कीमतें क्यों बढ़ीं?
आईएसएमए के अनुसार, चीनी की कीमतों में वृद्धि के पीछे कई प्रमुख कारण जिम्मेदार हैं। बाजार में जमाखोरी ने चीनी की मांग को कृत्रिम रूप से बढ़ाया है, जिससे दाम बढ़े। व्यापारियों द्वारा बड़ी मात्रा में चीनी का भंडारण करने से बाजार में आपूर्ति बाधित हुई। इसके अतिरिक्त, प्रतिकूल मौसम जैसे कि कम बारिश या अत्यधिक गर्मी ने गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाया। इससे चीनी मिलों को पर्याप्त गन्ना नहीं मिल पाया और उत्पादन प्रभावित हुआ।
क्या उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत?
उद्योग संस्था आईएसएमए ने उपभोक्ताओं को जल्द राहत मिलने की उम्मीद जताई है। संस्था का मानना है कि बाजार में सट्टेबाजी और भंडारण की स्थिति में सुधार होगा। आने वाले दिनों में चीनी की खुदरा कीमतों में कमी आएगी, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी। आईएसएमए ने कहा कि देश में चीनी का पर्याप्त भंडार मौजूद है। बाजार में आपूर्ति सामान्य होने से दाम स्थिर होंगे और फिर नीचे आएंगे।
इस्मा के अध्यक्ष शिरगाओकर ने कहा है कि सितंबर के अंत में चीनी का क्लोजिंग स्टॉक 35 लाख टन होगा। इसके अलावा, आईएसएमए अध्यक्ष ने कहा कि मिलें लगभग 15 अक्तूबर तक परिचालन शुरू कर देंगी और अक्टूबर महीने में लगभग 10-12 लाख टन उत्पादन करेंगी। उन्होंने आगे बताया कि अक्टूबर महीने में मांग 24-25 लाख टन रहने की संभावना है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button