भरत पुर
अड्डा-खूंटखेड़ा मार्ग बदहाल, गहरे गड्ढों से हादसों का खतरा
ग्रामीणों ने मेगा हाईवे बनाने की मांग उठाई

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
भुसावर। अड्डा से खूंटखेड़ा जाने वाली डामर सड़क लंबे समय से बदहाली का शिकार है। मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे होने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के पुनर्निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं बस, जीप, मोटरसाइकिल, टेंपो, स्कूल वाहनों और पैदल आवागमन करते हैं। धाधरैन, खूंटखेड़ा, अड्डा, ईंटखेड़ा, नगला ज्ञानी और मदनपुर सहित आसपास के गांवों के विद्यार्थी इसी रास्ते से बयाना, सूरौठ और हिंडौन सिटी के स्कूल-कॉलेज पहुंचते हैं। सड़क की खराब हालत के कारण गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को अस्पताल ले जाने में भी परेशानी होती है। ग्रामीणों के मुताबिक मार्ग से सैकड़ों गांवों के लोगों का आवागमन होता है। इसके अलावा देव बाबा जहाज, बाबू महाराज अड्डा, मदनपुर टोंटा बाबा मंदिर, मोरोली, देवनारायण मंदिर महरावर, रारौदा, चामड़ माता मंदिर पाटिका, हनुमानजी मंदिर अड्डा, ईंटखेड़ा-खूंटखेड़ा और शहीद स्थल पीलूपुरा सहित कई धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालु इसी रास्ते से पहुंचते हैं। मेलों और धार्मिक आयोजनों के दौरान मार्ग पर यातायात का दबाव और बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने हिंडौन-बयाना मेगा हाईवे से धाधरैन होते हुए मदनपुर, खूंटखेड़ा, नगला ज्ञानी, अड्डा और ईंटखेड़ा तक मार्ग को चौड़ा कर मेगा हाईवे के रूप में विकसित करने की मांग की है। इसके साथ ही ईंटखेड़ा से मोरोली, ध्वजा होते हुए खेड़ला-बयाना मार्ग से जोड़ने की मांग भी उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ऐसे में केवल गड्ढों की मरम्मत के बजाय सड़क के पुनर्निर्माण, चौड़ीकरण और स्थायी विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।



