धनबाद में BCCL CMD और PA पर जातिसूचक टिप्पणी व धमकी का आरोप, कोर्ट के आदेश पर FIR
Allegations of casteist remarks and threats against BCCL CMD and PA in Dhanbad; FIR registered following court order.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
धनबाद में BCCL CMD मनोज कुमार अग्रवाल और उनके निजी सहायक पर जातिसूचक टिप्पणी, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगा है। कोर्ट के आदेश पर सरायढेला थाना में SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बीसीसीएल में अनुकंपा के आधार पर नौकरी की मांग को लेकर कोयला भवन पहुंचे बोकारो के एक युवक ने बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल और उनके मुख्य निजी सहायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का आरोप है कि नियोजन से संबंधित आवेदन देने के दौरान उसके साथ कथित तौर पर जातिसूचक टिप्पणी, गाली-गलौज और दुर्व्यवहार किया गया। साथ ही दोबारा कार्यालय आने पर जान का खतरा होने की कथित धमकी भी दी गई। मामले में न्यायालय के आदेश के बाद सरायढेला थाना में SC/ST एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। 2010 में पिता की मौत, तब से अनुकंपा नौकरी की मांग, शिकायतकर्ता सचिन हेम्ब्रम बोकारो के दुग्धा थाना क्षेत्र के बुढ़ीडीह के रहने वाले हैं। शिकायतवाद के अनुसार, उनके पिता स्वर्गीय दशरथ मांझी बीसीसीएल के मधुबन वाशरी ब्लॉक-दो में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2010 में उनकी मृत्यु हो गई थी।पिता की मृत्यु के बाद सचिन ने बीसीसीएल में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए आवेदन किया। उनका कहना है कि आवेदन बीसीसीएल प्रबंधन के माध्यम से कोयला भवन स्थित सीएमडी कार्यालय तक पहुंचा। इसके बाद वह लंबे समय से नियोजन की प्रक्रिया को लेकर कोयला भवन का चक्कर लगाते रहे। सचिन के अनुसार, वह 17 जून 2026 को नियोजन से संबंधित आवेदन लेकर कोयला भवन स्थित सीएमडी कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि आवेदन लेने के बाद उन्हें कथित तौर पर अपमानित कर कार्यालय से बाहर कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि इस दौरान वहां कई महिला और पुरुष मौजूद थे, जिन्होंने कथित घटना को देखा और सुना। उनके साथ गए गवाहों का भी शिकायत में उल्लेख किया गया है। शिकायत के अनुसार, 18 जून 2026 को सचिन एक बार फिर नियोजन के सिलसिले में सीएमडी कार्यालय पहुंचे। उनका आरोप है कि नौकरी के संबंध में बातचीत के दौरान सीएमडी कथित रूप से नाराज हो गए और उनके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज की गई। सचिन का आरोप है कि इसके बाद सीएमडी के मुख्य निजी सहायक ने उन्हें कथित तौर पर अपमानित करते हुए कार्यालय से बाहर निकाल दिया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दोबारा कार्यालय आने पर जान को खतरा होने की धमकी दी गई। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी। पुलिस से लेकर आयोग और मंत्री तक शिकायत का दावा, सचिन हेम्ब्रम के अनुसार, उन्होंने कथित घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी थी। इसके बाद उन्होंने धनबाद के उपायुक्त, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, नई दिल्ली और केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री के समक्ष भी शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन स्तरों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और शिकायतवाद दाखिल किया। न्यायालय से शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश मिलने के बाद सरायढेला पुलिस ने शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की। मामले में बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल और उनके मुख्य निजी सहायक को आरोपित बनाया गया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, घटना के समय मौजूद लोगों, संबंधित दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।



