बुलंदशहर
ब्लैकमेलिंग व झूठी शोहरत के लिए रची गई साजिश
फर्जी आरोपों पर आसिफ ने दी खुली चुनौती, निष्पक्ष जांच की मांग
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
शिकारपुर (बुलंदशहर): मोहल्ला मुफ़्तीवाड़ा निवासी आसिफ (पुत्र हजरत) ने टीवी 100 के कथित पत्रकार इरशाद मलिक और उनकी पत्नी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। आसिफ का कहना है कि उनके खिलाफ अखबारों में भ्रामक और झूठी खबर छपवाकर उनकी सामाजिक छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है।
डॉक्टर के क्लीनिक पर जाने की बात पूरी तरह मनगढ़ंत
आसिफ ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, “आरोप लगाया गया है कि मैंने डॉक्टर के क्लीनिक पर जाकर कथित पत्रकार की पत्नी के साथ बदतमीजी की, जबकि हकीकत यह है कि मैं उस समय न तो उस डॉक्टर की दुकान पर गया था और न ही मैंने कभी उनकी पत्नी को देखा है। यह पूरी कहानी मनगढ़ंत और झूठी है।”
CCTV साक्ष्य और जांच की चुनौती
आसिफ ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन को शाम 5:00 बजे से 10:00 बजे तक की पूरी CCTV फुटेज सौंपने की बात कही है। उन्होंने कहा कि CCTV फुटेज से यह साफ उजागर हो जाएगा कि वे घटना के समय मौके पर मौजूद ही नहीं थे।
”दोषी हूँ तो सजा मिले, वर्ना साजिशकर्ताओं पर हो कड़ी कार्रवाई”
अपने पक्ष पर अड़े आसिफ ने पुलिस प्रशासन के सामने खुली चुनौती रखते हुए कहा:
”यदि जांच में मेरी थोड़ी सी भी संलिप्तता पाई जाती है या मैं गुनहगार साबित होता हूँ, तो कानून मुझे जो भी सजा देगा, वह मुझे मंजूर होगी। लेकिन यदि मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे और साजिश के तहत पाए जाते हैं, तो झूठी खबरें निकलवाने और पुलिस को गुमराह करने वाले इस कथित पत्रकार व उनके सहयोगियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।”
स्थानीय पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और आसिफ ने अधिकारियों से मांग की है कि बिना ठोस सबूत और CCTV जांच के किसी भी दबाव में आकर कार्रवाई न की जाए।



