गाजियाबाद
दो बेटों को मकान देने के बाद भी बुजुर्ग दंपत्ति के हिस्से में आई दर-दर की ठोकरें
बहू-बेटों पर मारपीट कर घर से निकालने का आरोप, कई माह से अधिकारियों के चक्कर काट रहा दंपत्ति
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : सरकार की ओर से बुजुर्गों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर लगातार योजनाएं , शासनादेश और दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं, लेकिन लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र की शिव वाटिका कॉलोनी में रहने वाला एक बुजुर्ग दंपत्ति कथित रूप से पिछले कई महीनों से मदद के लिए भटक रहा है। दंपत्ति का आरोप है कि शिकायत किए जाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
पीड़ित गणेश शंकर और उनकी पत्नी गीता का कहना है कि उनके दो बेटे हैं। उन्होंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दोनों बेटों के लिए अलग-अलग मकान बनवाकर दिए थे। आरोप है कि इसके बावजूद बेटों और बहुओं ने उनके साथ मारपीट कर उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। वर्तमान में बुजुर्ग दंपत्ति कथित तौर पर इधर-उधर मांगकर तथा मंदिरों में रहकर अपना जीवन गुजारने को मजबूर है।
पीड़ित गणेश शंकर एक हाथ और पैर से विकलांग बताए जाते हैं। उनका कहना है कि वृद्धावस्था और शारीरिक असमर्थता के बावजूद उन्हें अपने जीवन-यापन के लिए कोई स्थायी सहारा नहीं मिल पा रहा है। दंपत्ति के अनुसार, उन्होंने इस मामले को लेकर गाजियाबाद के जिलाधिकारी को भी शिकायती पत्र देकर मदद की गुहार लगाई है।
दंपत्ति का आरोप है कि वह पिछले कई महीनों से लोनी बॉर्डर थाने के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि लगातार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उन्हें न्याय का इंतजार है।
मामले में पक्ष जानने के लिए जब थाना प्रभारी लोनी बॉर्डर से फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो फोन रिसीव नहीं हुआ।
बुजुर्ग दंपत्ति ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके मामले की जांच कर उन्हें सुरक्षा एवं रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा शेष जीवन के भरण-पोषण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए

