
डीएम सत्य प्रकाश ने दिए निष्पक्षता और पारदर्शिता से चुनाव कराने के निर्देश
चैलेंज वोट, टेंडर वोट और मतपत्रों की गोपनीयता की समझाई प्रक्रिया
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन-2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी सत्य प्रकाश के निर्देशन में विकास भवन सभागार में मतदान कार्मिकों और माइक्रो आब्जर्वरों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें निर्वाचन प्रक्रिया की बारीकियों, मतदान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्य विकास अधिकारी, प्रभारी अधिकारी कार्मिक/प्रशिक्षण तथा जिला विकास अधिकारी, सहायक प्रभारी अधिकारी कार्मिक/प्रशिक्षण की देखरेख में संपन्न हुआ। मास्टर ट्रेनर्स ने मतदान कार्मिकों और माइक्रो आब्जर्वरों को उनके दायित्वों के बारे में जानकारी देते हुए चुनाव प्रक्रिया को नियमानुसार संपन्न कराने के लिए प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण के दौरान वैकल्पिक पहचान पत्रों के सत्यापन, मतपेटी एवं मतपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने, चैलेंज वोट और टेंडर वोट की प्रक्रिया, मॉक पोल तथा विभिन्न निर्वाचन प्रपत्रों के सही ढंग से संधारण के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही माइक्रो आब्जर्वरों की भूमिका और मतदान के दिन उनकी जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट किया गया। मास्टर ट्रेनर्स ने कार्मिकों को निर्वाचन संबंधी तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देते हुए निर्देश दिया कि मतदान के दौरान प्रत्येक प्रक्रिया का पालन निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों के अनुरूप किया जाए। किसी भी स्थिति में मतपत्रों की गोपनीयता और निर्वाचन की निष्पक्षता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। जिला निर्वाचन अधिकारी सत्य प्रकाश ने प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन प्रबुद्ध मतदाताओं से जुड़ा चुनाव है। इसलिए इसकी प्रत्येक प्रक्रिया को गंभीरता, जिम्मेदारी और निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी मतदान कार्मिकों और माइक्रो आब्जर्वरों से निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाए रखते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करने को कहा, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके। प्रशिक्षण के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें मतदान कार्मिकों और माइक्रो आब्जर्वरों की निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित शंकाओं का समाधान किया गया। मास्टर ट्रेनर्स ने मौके पर ही उनकी तकनीकी समस्याओं को स्पष्ट करते हुए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई। जिला प्रशासन का उद्देश्य सभी संबंधित कार्मिकों को निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक पहलू से भली-भांति परिचित कराना है, जिससे मतदान के दिन किसी प्रकार की असुविधा या त्रुटि की स्थिति उत्पन्न न हो और निर्वाचन शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जा सके।



