राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर विशेष
"सेवा, समर्पण और संवेदना की मिसाल – डॉ. दिनेश बंसल व डॉ. नीलम बंसल"

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
हर वर्ष 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है – यह दिन उन डॉक्टरों को समर्पित होता है जो न केवल बीमारियों का इलाज करते हैं, बल्कि समाज को स्वस्थ और संवेदनशील बनाने में भी महती भूमिका निभाते हैं।
बड़ौत की धरती पर ऐसे ही एक नहीं, बल्कि दो समर्पित चिकित्सक हैं – डॉ. दिनेश बंसल और उनकी धर्मपत्नी डॉ. नीलम बंसल, जो अपने पेशे को सेवा का माध्यम मानते हैं और Mainawati Hospital के ज़रिए चिकित्सा और समाज सेवा दोनों में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
चिकित्सा सेवा में समर्पित जोड़ी
डॉ. दिनेश बंसल, MBBS, MD (पेट रोग विशेषज्ञ), गांधी रोड स्थित मैनावती हॉस्पिटल, बड़ौत के संचालक हैं।
उनकी पत्नी डॉ. नीलम बंसल भी एक कुशल चिकित्सक हैं और हर कदम पर उनका साथ देती हैं। यह जोड़ी केवल डॉक्टर नहीं, बल्कि “एक विचार” बन चुकी है – जिसमें रोगी सिर्फ केस नहीं होता, बल्कि एक परिवार का हिस्सा माना जाता है।
इन दोनों का मानना है –
“डॉक्टरी एक पेशा नहीं, बल्कि जीवन की एक साधना है।”
हरित प्राण ट्रस्ट – डॉक्टर दंपती की अनूठी पहल
दोनों ने मिलकर ‘हरित प्राण ट्रस्ट’ की स्थापना की – एक ऐसा अभियान, जो पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों को जोड़ता है।
इस ट्रस्ट की विशेषताएं:
- मरीजों से डॉक्टर फीस के बदले एक पौधा लगाने का आग्रह, और उसे जीवित रखना ही सच्ची कीमत।
- अब तक एक लाख से अधिक पौधे वितरित किए जा चुके हैं।
- ‘हरित एम्बुलेंस’ की शुरुआत – जो सूखे पौधों की सेवा करती है, उन्हें पुनर्जीवित करती है।
- विभिन्न राज्यों में – उत्तराखंड, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर सहित – ट्रस्ट द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता और पौधरोपण अभियान चलाए गए हैं।
- स्कूल-कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी मुफ्त शिविरों का आयोजन।
यह पहल सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं, बल्कि रोगियों को प्रकृति से जोड़कर, उन्हें मानसिक और भावनात्मक रूप से भी स्वस्थ बनाना इनका उद्देश्य है।
एक परिवार – एक मिशन
डॉ. दिनेश बंसल और डॉ. नीलम बंसल की बेटी परिणिका बंसल भी इस अभियान से जुड़ी हैं।
मरीजों की सेवा, पौधों की देखरेख, सोशल मीडिया जागरूकता से लेकर स्कूलों में भाषण – यह पूरा परिवार स्वास्थ्य और हरियाली की अलख जगा रहा है।
उनके साथ 500 से अधिक वालंटियर्स की टीम कार्य कर रही है – जिनमें शिक्षक, युवा, समाजसेवी और डॉक्टर्स शामिल हैं।
विशेषताएं जो उन्हें अलग बनाती हैं:
| संयुक्त सेवा | पति-पत्नी दोनों डॉक्टर्स का टीमवर्क – इलाज में समर्पण, सेवा में सौम्यता |
| समाजसेवा | निर्धन मरीजों को मुफ्त इलाज, ग्रामीण स्वास्थ्य शिविर |
| पर्यावरण मिशन | पौधा लगाओ–प्राण बचाओ की थीम पर हर मरीज से एक जीवन जोड़ना |
| नवाचार | हरित एम्बुलेंस, पर्यावरण व हेल्थ को जोड़ना |
डॉक्टर दिवस पर उनका संदेश:
“हमारी कोशिश है कि रोग सिर्फ शरीर से न हटे, मन से भी हटे। और जब कोई मरीज स्वस्थ होकर अपने लगाए पौधे को सींचता है, तो वह जीवन की कीमत समझता है।”
इस राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर डॉ. दिनेश बंसल और डॉ. नीलम बंसल जैसे समर्पित डॉक्टरों को नमन, जिनका जीवन सेवा, संवेदना और सतत जागरूकता की मिसाल है।
ये दंपती बड़ौत ही नहीं, बल्कि समूचे स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक प्रेरणा हैं – जो हमें यह सिखाते हैं कि डॉक्टर का काम सिर्फ इलाज करना नहीं, बल्कि समाज और पर्यावरण को स्वस्थ और सुंदर बनाना भी है।


