बाघमारा पुलिस अनुमंडल में फल-फूल रहा है अवैध लॉटरी कारोबार, जिम्मेदार चुप
Illegal lottery business is flourishing in Baghmara police subdivision, responsible people are silent

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
धनबाद। कतरास से झारखण्ड तक फैला जाली लॉटरी नेटवर्क, गरीब-मजदूर बन रहे शिकार। बाघमारा अनुमंडल अंतर्गत कतरास क्षेत्र में अवैध जाली लॉटरी का कारोबार तेजी से पनप रहा है। सूत्रों के अनुसार, कतरास में चिन और नूप जैसे दर्जनों एजेंट सक्रिय हैं, जो बिहार से फरार कुख्यात लॉटरी कारोबारी झुनझुनवाला के लिए काम कर रहे हैं। ये एजेंट विशेषकर गरीबों और मजदूर वर्ग को अपने जाल में फंसा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस जाली लॉटरी नेटवर्क के जरिए संचालक अब झारखंड में फ्लैटों के मालिक तक बन चुके हैं। यह नेटवर्क न सिर्फ आर्थिक अपराध को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि सामाजिक ढांचे को भी खोखला कर रहा है। सोशल मीडिया और विभिन्न समाचार पत्रों में लगातार अवैध लॉटरी कारोबार की चर्चा हो रही है, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई पूरी तरह नदारद है। इससे आमजन में आक्रोश है और सवाल उठ रहे हैं कि क्या जिम्मेदार विभाग जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं? एसएसपी के निर्देश पर कार्रवाई हुई थी। धनबाद एसएसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि मदनपुर में अवैध लॉटरी कारोबारी झुनझुनवाला के इशारे पर लॉटरी टिकट की छपाई की जा रही है. इसका संचालन शेख मसरुल नामक युवक कर रहा है. इसमें गोविंदपुर, धनबाद एवं झरिया के कुछ लोग शामिल हैं. सूचना के आलोक में एसडीपीओ रजत मानिक बाखला के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया. टीम में निरसा थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा, एमपीएल ओपी प्रभारी सुमन कुमारी, अवध किशोर पांडे सहित अन्य शामिल थे. पुलिस ने मौके से शेख मसरूल को गिरफ्तार कर लिया. शेख मसरुल अवैध लॉटरी टिकट छाप कर पश्चिम बंगाल के रघुनाथपुर, पुरुलिया के अलावा निरसा, जामताड़ा, टुंडी, गोविंदपुर में खपाता था. उसके पास से लाखों रुपये का अवैध लॉटरी टिकट जब्त किया गया है. पुलिस मामले की जांच में है. जनता मांग कर रही है कि जिला प्रशासन व पुलिस त्वरित कार्रवाई कर इस गोरखधंधे पर रोक लगाए, ताकि मजदूर और गरीब वर्ग को आर्थिक शोषण से बचाया जा सके।



