सिंगरौली
पीएचई के कार्यपालन यंत्री के निलम्बन एवं बहाली से बेखबर प्रभारी मंत्री, सवालों से झाड़ा पल्ला

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। कैबिनेट व लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंत्री एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री सम्पतिया उईके दो दिवसीय प्रवास पर सिंगरौली पहुंची। जहां पत्रकारों ने पीएचई कार्यपालन यंत्री के निलम्बन व बहाली पर सवाल किया तो प्रभारी मंत्री ने मीडिया के सवालों से पल्ला झाड़ते हुये कहा कि मुझे इसकी जानकारी नही है। दो दिवसीय प्रवास पर सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री और प्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कैबिनेट मिनिस्टर संपतिया ऊईके आज दिन बुधवार को सिंगरौली पहुंची। जहां पहले दिन बुधवार की शाम उन्होंने जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री एमपीआरडीसी के प्रबंधक समीर गोहर पर भड़क गई। असल में खराब सड़कों की चर्चा होनी थी, लेकिन एमपीआरडीसी के प्रबंधक मीटिंग में ही नहीं पहुंचे, जिसको लेकर के मंत्री ने एमपी आरडीसी के प्रबंधक को नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा प्रभारी मंत्री ने सिंगरौली नगर निगम क्षेत्र को स्मार्ट सिटी के तहत विकसित करने की कार्य योजना बनाने के भी निर्देशित किया हैं। जिसका बजट डीएमएफ फंड से जारी करने की बात कही है। इसके अलावा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी त्रिलोक सिंह के पहले सस्पेंड होने और फिर 13 दिन बाद बहाल करने के सवाल पर पहले तो मंत्री ने अपने अधिकारी का बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन फिर वह अपनी बात से पलट गई और उन्होंने कहा कि मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। ऐसा तब हो रहा है जब वह इसी विभाग की मंत्री हैं । हालांकि उन्होंने मीडिया से बातचीत करने के दौरान यह भी कहा कि सिंगरौली में बेहतर काम हो रहा है, इसके लिए अधिकारी बधाई के पात्र हैं। डीएमएफ फंड से जिन कार्यों को भोपाल स्वीकृत करने के लिए भेजा गया है, उनकी लेट स्वीकृति के लिए उन्होंने इलेक्शन को जिम्मेदार ठहराया है। यहां आपको बता दें कि जिले से लगभग 1000 करोड़ रुपए के काम भोपाल स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं, जिनकी स्वीकृति नहीं हो रही है। 3 साल पहले भेजे गए कार्यों की स्वीकृति अभी 2025 जुलाई के महीने में मिली है।



