बेतुल
बैतूल पीडब्ल्यूडी इंजीनियर परमार विकास गौर और ठेकेदार कपिल शर्मा की तिकड़ी लगा रही है व्हाइट टॉपिंग सड़क निर्माण में चुना
इस तिकड़ी को कार्यपालन यंत्री प्रीति पटेल का खुला संरक्षण

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। शहर में बन रही व्हाईट टॉपिंग सडक़ तकनीकी मापदंड में किस तरह इंजीनियर परमार विकास गौड़ और ठेकेदार कपिल शर्मा की तिकड़ी द्वारा खुलकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है वह देखते ही बन रहा है और उनके इस भ्रष्टाचार में कार्यपालन यंत्री प्रीति पटेल द्वारा इस तिकड़ी को खुलकर संरक्षण दिया जा रहा है बन रही व्हाइट टॉपिंग सड़क तकनीकी मापदंडों के मामले में भी पूरी फेल नजर आ रही है। इस भ्रष्टाचार को जनप्रतिनिधि और आम नागारिकों को व्हाइट टॉपिंग सड़क का तकनीकी ज्ञान ना होने के कारण वे इसे पकड़ नहीं पा रहे है। यहां पर जिस तरह से सडक़ की गु़णवत्ता के साथ समझौता किया जा रहा है उसमें स्पष्ट तौर पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की जिम्मेदारी है जो सडक़ निर्माण करने वाली ठेका कंपनी को स्टीमेट के विपरीत काम करने और भ्रष्टाचार करने का मौका दे रहे है और किसी भी तरह की आपत्ति नहीं ले रहे है। बताया जा रहा है कि पीडब्ल्यूडी में यह जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी इंजीनियर परमार और इंजीनियर विकास गौर को दे रखी है यह दोनों इंजीनियर ठेकेदार कपिल शर्मा के साथ मिलकर व्हाइट टॉपिग सड़क निर्माण में जमकर पलीता लगा रहे हैं। इंजीनियर परमार और विकास गौर सडक़ निर्माण के समय रात के समय भी मौके पर मौजूद नहीं रहते है। वर्तमान में सडक़ निर्माण के मटेरियल में चोरी के आरोप लग रहे है।जागरूक इंजीनियरों और नागरिकों का कहना है कि स्टीमेट और ड्राईंग डिजाईन के अनुसार सडक़ की मोटाई 200 एमएम होना चाहिए, लेकिन अब तक जो सडक़ बनी है उसमें कहीं पर 150 एमएम तो कहीं पर 120 एमएम की कास्टिंग किया जाना नजर आता है जो कि खुले तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है।



