बरेली
छात्रवृत्ति घोटालों पर केंद्र का पल्ला झाड़, जिम्मेदारी राज्यों पर डाली

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली। SC-ST के गरीब छात्रों की प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति में हो रहे कथित घोटालों पर केंद्र सरकार बैकफुट पर नजर आई। लोकसभा में पूछे गए सवाल पर सरकार ने राज्यवार भ्रष्टाचार, वित्तीय नुकसान और कार्रवाई का ब्यौरा देने से हाथ खड़े कर दिए।
बरेली आंवला सांसद नीरज मौर्य के कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के अनुसार सांसद ने इकरा चौधरी, बाबू सिंह कुशवाहा, हरेन्द्र मलिक, लालजी वर्मा और देवेश शाक्य के साथ मिलकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से संयुक्त प्रश्न पूछा था। सांसदों ने छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़ा, राज्यवार शिकायतें, दोषियों पर कार्रवाई, वसूली और निगरानी में सांसदों की भागीदारी का मुद्दा उठाया।
केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने जवाब में कहा कि छात्रवृत्ति DBT और डिजिटल पोर्टल से दी जा रही है। जो शिकायतें आती हैं उन्हें सीधे संबंधित राज्य सरकारों को भेज दिया जाता है। मंत्री ने किसी भी राज्य में हुए घोटाले या कार्रवाई का आंकड़ा नहीं दिया। निगरानी समितियों में सांसदों को शामिल करने पर भी सरकार ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया। इस पर विपक्ष ने सरकार को जवाबदेही से बचने का आरोपी बताया। सांसदों का आरोप है कि यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल, बिहार और हरियाणा में छात्रवृत्ति योजनाओं में हजारों करोड़ का घोटाला हो चुका है। अकेले यूपी में शिक्षा माफिया ने SC-ST की छात्रवृत्ति में बड़ा गबन किया है। सांसदों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और निगरानी व्यवस्था को जवाबदेह बनाया जाए।



