
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लखनऊ : रविवार,उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से 8 वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों के तबादले का आदेश आज, 31 अगस्त 2025 को जारी किया। यह फेरबदल राज्य के विभिन्न संवेदनशील जिलों और विभागों में प्रभावी होगा, जिसमें शामली, कानपुर देहात और श्रावस्ती जैसे जिलों के पुलिस अधीक्षकों (कप्तानों) में भी बदलाव शामिल है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह कदम राज्य सरकार की ओर से पुलिस तंत्र को और प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया है।
तबादले की विस्तृत जानकारी उत्तर प्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, निम्नलिखित आईपीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं: 1 राम सेवक गौतम (आईपीएस, 2013) पिछला पद: पीटीएस मुरादाबाद नया पद: पुलिस अधीक्षक, पीटीएस मुरादाबाद 2 अरविंद मिश्रा (आईपीएस, 2015) पिछला पद: एसपी ईओडब्ल्यू लखनऊ नया पद: पुलिस अधीक्षक, ईओडब्ल्यू लखनऊ 3 घनश्याम (आईपीएस, 2015) पिछला पद: सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ नया पद: पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ 4 श्रद्धा नरेंद्र पांडे (आईपीएस, 2017) पिछला पद: सेनानायक 38वीं वाहिनी पीएसी अलीगढ़ नया पद: पुलिस अधीक्षक, कानपुर देहात 5 राहुल भाटी (आईपीएस, 2018) पिछला पद: पुलिस अधीक्षक, श्रावस्ती (पिछले प्रभार से हटाए गए) नया पद: पुलिस अधीक्षक, श्रावस्ती 6 लाखन सिंह यादव (आईपीएस, 2018) पिछला पद: सेनानायक 38वीं वाहिनी पीएसी अलीगढ़ नया पद: सेनानायक, 38वीं वाहिनी पीएसी अलीगढ़ 7 नरेंद्र प्रताप सिंह (आईपीएस, 0) पिछला पद: पुलिस अधीक्षक/अपर पुलिस अधीक्षक, बागपत नया पद: पुलिस अधीक्षक, शामली 8 प्रवीन रंजन सिंह (आईपीएस, 0) पिछला पद: डीसीपी नोएडा नया पद: डीसीपी, नोएडा
उत्तर प्रदेश के गृह विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया, “इन तबादलों का उद्देश्य पुलिस तंत्र में कुशलता लाना और विभिन्न क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना है। नव नियुक्त अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे और राज्य सरकार की जन-केंद्रित नीतियों को साकार करने में योगदान देंगे।” प्रवक्ता ने यह भी कहा कि ये बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू होंगे, और संबंधित अधिकारियों को अपने नए प्रभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। महत्वपूर्ण नजरिया यह फेरबदल राज्य में आगामी समय में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक चुनौतियों से निपटने के लिए रणनीतिक कदम माना जा रहा है। विशेष रूप से, कानपुर देहात, श्रावस्ती और शामली जैसे जिलों में नए कप्तानों की नियुक्ति स्थानीय मुद्दों और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखकर की गई प्रतीत होती है। यह कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पुलिस सुधार और प्रभावी शासन की दिशा में एक और प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।



