अंतरराष्ट्रीयदिल्ली

तुर्किए ने दी त्रिकंड को उड़ाने की धमकी

तभी बीच समुंदर भारत ने उतार दिए ब्रह्मोस से लैस 4 युद्धपोत, और फिर...

नई दिल्ली। भारत ने अपनी एक रणनीति से न केवल तुर्किए को करारा जवाब दिया बल्कि साऊदी अरब की भी टेंशन बढ़ा दी। भारत ने भूमध्य सागर में 4 युद्धपोत उतार दिए हैं। जिससे तुर्किए के युद्धपोत किनारे लग गए और उन्हें समझ आ गया कि भारत से पंगा लेना उसके लिए घातक हो सकता है।

भूमध्य सागर में अपने आप को राजा समझने वाले तुर्किए ने भारत के साथ पंगा लेकर बड़ी भूल कर दी है। दरअसल, भारत के त्रिकंड युद्धपोत को घेरने की कोशिश करते हुए भारत को धमकी दी गई कि 18 घंटे का अल्टीमेटम है। इसे हटा लीजिए वरना अंजाम खतरनाक होंगे। इसके बाद भारत ने अपनी एक रणनीति से न केवल तुर्किए को करारा जवाब दिया बल्कि साऊदी अरब की भी टेंशन बढ़ा दी। भारत ने भूमध्य सागर में 4 युद्धपोत उतार दिए हैं। जिससे तुर्किए के युद्धपोत किनारे लग गए और उन्हें समझ आ गया कि भारत से पंगा लेना उसके लिए घातक हो सकता है।

भूमध्य सागर भारत के लिए व्यापारिक लिहाज से बेहद ही महत्वपूर्ण है। रूस से भारत आने वाला सारा ट्रेड इसी रास्ते से होकर गुजरता है। इसके अलावा कजाखिस्तान, तजाकिस्तान जैसे मीडिल ईस्ट के देशों के साथ भी होने वाले व्यापार भी भू मध्य सागर से ही होकर गुजरते हैं। भू मध्य सागर में तुर्किए का दबदबा है। बाकी के अजरबैजान, अल्जीरिया, साइप्रस, ग्रीस जैसे छोटे देश हैं। भारत और तुर्किए के बीच रिश्तों को अच्छे करने की कोशिश में हमारी तरफ से कई कदम भी उठाए गए थे। जब तुर्किए में भूकंप आया था तो भारत ने आॅपरेशन दोस्त चलाया था। भारत संकट की इस घड़ी में सबसे पहले मदद पहुंचाना वाला देश बना। लेकिन तुर्किए के शासक एदोर्गान को इस्लामिक देशों का खलीफा बनना है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच छिड़ी जंग में अपने ड्रोन पड़ोसी मुल्क को बेचे।

तीन देशों अल्जीरिया, साइप्रस, ग्रीस के साथ तुर्किए का विवाद चलता है। तीनों ही ईसाई देश हैं। भारत ने आॅपरेशन सिंदूर के बाद अल्जीरिया, साइप्रस, ग्रीस के साथ अपने रिश्ते बढ़ाने शुरू किए। पीएम मोदी साइप्रस के दौरे पर भी गए थे। उसी मिशन के तहत नेवल एक्सरसाइज हो रहा है। जानकारी के अनुसार, भारतीय नौसेना के तलवार श्रेणी के युद्धपोत, आईएनएस त्रिकंद को सलामीस में तैनात किया गया था और उसने 17-18 सितंबर को मायर्टोअन सागर में तीन यूनानी नौसेना के जहाजों के साथ नौसैनिक अभ्यास किया था। इसके बाद, भारतीय युद्धपोत लिमासोल के एक बंदरगाह पर पहुँचा और 24 सितंबर को साइप्रस नेशनल गार्ड नेवी के जहाजों के साथ इसी तरह का अभ्यास किया।

तुर्किए ये युद्धभ्यास देख बौखला उठा और उसने 18 घंटे का अल्टीमेटम भारतीय जहाजों को लेकर दिया। तुर्किए भारतीय जहाज को रॉकेट के जरिए निशाना बनाने की फिराक में था। जिसके बाद भारत ने बड़ा कदम उठाते हुए ब्रह्मोस से लदे हुए तीन और जहाज भेज दिए। जिसके बाद तुर्किए शांत पड़ गया। ग्रीस के साथ हमारा नेवल एक्सरसाइज पूरा हो गया।

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