असम

असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा द्वारा तिनसुकिया विधानसभा क्षेत्र की 14,301 हितधारक 

महिलाओं को ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान’ के अंतर्गत चेक वितरण का शुभारंभ। 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

असम : असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने आज मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान के अंतर्गत तिनसुकिया विधानसभा क्षेत्र की कुल 14,301 लाभार्थी महिलाओं को उद्यमिता पूंजी के चेक वितरण का शुभारंभ किया। इनमें से 10,654 लाभार्थी ग्रामीण क्षेत्र की और 3,647 शहरी क्षेत्र की महिलाएँ हैं। इस अवसर पर तिनसुकिया जिले के किहुंग चाय बागान स्थित टिंगराई क्लब मैदान में आयोजित समारोह में भाषण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वर्तमान में 4 लाख स्व-सहायता समूह (Self Help Groups) हैं, जिनकी सदस्य संख्या 40 लाख है। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह के गठन से पहले ये महिलाएँ मुख्य रूप से घरेलू कार्यों में ही संलग्न रहती थीं, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने घर-परिवार की ज़िम्मेदारी के साथ-साथ आर्थिक सहयोग भी देना शुरू किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पूर्व में शुरू की गई कनकलता महिला सशक्तिकरण योजना के तहत प्रत्येक स्व-सहायता समूह को 25 हजार रुपये की घूर्णी पूंजी दी गई थी। आगे चलकर इन समूहों को बैंक से जोड़ने में भी सहायता दी गई, जिसके परिणामस्वरूप अब कई सदस्याएँ बैंक से ऋण लेकर आय-आधारित कार्य करने में सक्षम हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले ही स्पष्ट किया है कि यदि देश की महिलाएँ “लखपति बहनें” बनेंगी, तो समाज में बड़ा परिवर्तन आएगा। प्रधानमंत्री का लक्ष्य देश की 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बहन बनाना है। असम में अभी तक 40 लाख स्व-सहायता समूहों की सदस्याओं में से 8 लाख से अधिक महिलाएँ “लखपति बहन” के रूप में मान्यता प्राप्त कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि महिला उद्यमिता अभियान के तहत मिलने वाले 10 हजार रुपये केवल एक प्रारंभिक सहायता हैं। यदि महिलाएँ इस पूंजी का उचित उपयोग करती हैं, तो सरकार की ओर से उन्हें भविष्य में और अधिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक समूह की सदस्याएँ अपनी पूंजी मिलाकर एक साथ रखें, तो प्रति समूह 1 लाख रुपये की पूंजी तैयार होगी और इससे वे बैंक ऋण प्राप्त करने में भी सक्षम होंगी। मुख्यमंत्री ने यह भी जोड़ा कि यदि कोई सदस्य अपनी व्यक्तिगत ज़रूरत या पति के छोटे व्यवसाय में यह पूंजी लगाना चाहे, तो उस पर कोई रोक नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि महिलाएँ इस पूंजी का सही उपयोग करती हैं, तो अगले वर्ष उन्हें 25 हजार रुपये तक की राशि मिलेगी, और जो 25 हजार रुपये का भी विवेकपूर्ण उपयोग करेंगी, तीसरे वर्ष उन्हें 50 हजार रुपये तक की सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि असम में 40 लाख स्व-सहायता समूह सदस्याओं को 10-10 हजार रुपये की उद्यमिता पूंजी देने में राज्य सरकार 4,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जबकि 25 हजार रुपये की पूंजी देने में 10,500 करोड़ रुपये का व्यय होगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सरकार ने “अरुणोदय योजना” के तहत प्रत्येक योग्य परिवार को 1,250 रुपये का मासिक सहयोग दिया है, अब उसी तरह व्यवसाय के लिए प्रत्येक महिला को 10 हजार रुपये की पूंजी भी दी जा रही है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि आज तिनसुकिया विधानसभा क्षेत्र ने महिला उद्यमिता अभियान के तहत कुल 14.30 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त की। इस अभियान के माध्यम से राज्य सरकार का उद्देश्य कृषि, पशुपालन, हस्तशिल्प, तथा हाथकरघा उद्योग जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के उद्यम को बढ़ावा देकर गाँव-केंद्रित आजीविका के नए विकल्प सृजित करना है।तिनसुकिया क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में शामिल 10,654 लाभार्थी महिलाओं में से लगभग 60 प्रतिशत महिलाओं ने समान प्रकार के कार्यों के लिए आवेदन किया है। आँकड़ों के अनुसार, मुर्गी पालन के लिए 1,087 महिलाओं ने आवेदन किया है, जिसके लिए 1.08 करोड़ रुपये निवेश होंगे।कुक्कुट (कुक्कुर) पालन के लिए 1,771 महिलाओं ने आवेदन किया है, जिस पर 1.77 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होगा। बकरी पालन के क्षेत्र में 1,559 महिलाओं ने आवेदन किया है और उन्हें 1.55 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। सूअर पालन के लिए 1,130 महिलाओं ने आवेदन किया है, जिसके तहत 1.13 करोड़ रुपये आवंटित होंगे। वहीं बतख पालन के लिए 856 महिलाओं ने आवेदन किया है, और उन्हें 85 लाख रुपये से अधिक की पूंजी मिलेगी। इस कार्यक्रम में राज्य के कैबिनेट मंत्री बिमल बोरा और रूपेश गोवाला, विधायक संजय किशन, सुरेन फुकन, भास्कर शर्मा, तेरस गोवाला, जिला आयुक्त स्वप्निल पॉल, असम राज्यिक आजीविका अभियान के मिशन संचालक कुंडलमणि शर्मा बरदोलोई समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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