युवा किसान प्रवेश कुमार रघुवंशी ने तकनीक से बदली खेती की तस्वीर l

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो l
छिन्दवाड़ा : छिंदवाड़ा की तहसील मोहखेड़ के ग्राम केकड़ा के निवासी प्रवेश कुमार रघुवंशी, पिता मेरसिंह रघुवंशी, एक ऐसे युवा किसान हैं l जिन्होंने आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। कंप्यूटर साइंस में स्नातक करने के बाद प्रवेश ने तीन वर्ष तक एक निजी कंपनी में नौकरी की, लेकिन काम में रुचि न होने के कारण उन्होंने नौकरी छोड़ दी और अपने पैतृक कार्य यानी खेती को अपनाने का निर्णय लिया। खेती शुरू करने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि पारंपरिक कृषि पद्धतियाँ समय, श्रम और लागत तीनों ही दृष्टियों से अप्रभावी हैं l लेबर खर्च अधिक, समय ज़्यादा और मुनाफा बहुत कम।इसी अनुभव से प्रेरित होकर उन्होंने वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने का निश्चय किया। इस दिशा में मध्यप्रदेश शासन और कृषि अभियांत्रिकी विभाग ने उनका विशेष सहयोग किया। शासन की सहायता से उन्होंने सुपर सीडर मशीन खरीदी, जिस पर उन्हें ₹1,05,000 की सब्सिडी प्राप्त हुई। यह जिला छिंदवाड़ा में खरीदा गया पहला सुपर सीडर था, जिसे वे अपने 75 एच.पी. ट्रैक्टर से चलाते हैं।सुपर सीडर एक ऐसी मशीन है जो एक साथ चार कार्य करती है रोटावेटर मिट्टी में नरवाई को मिलाता है, लेवलर भूमि को समतल करता है, सीड ड्रिल बीज और खाद की बुवाई करता है, तथा पटा बीज एवं खाद को मिट्टी से हल्का ढक देता है। एक ही बार में चारों कार्य होने से समय और श्रम दोनों की बचत होती है। इसके अनेक लाभ हैं l समय की बचत, लेबर खर्च में कमी, पानी की बचत और बीजों का बेहतर अंकुरण। यदि पारंपरिक पद्धति से खेती की जाए तो मक्के की नरवाई कटाई पर ₹1500–2000, दो बार कल्टीवेटर चलाने पर ₹3000, रोटावेटर पर ₹1200 और सीड ड्रिल से बुवाई पर ₹1000 खर्च आता है। इस प्रकार कुल ₹5700 प्रति एकड़ खर्च होता है।



