ललितपुर

तन्हाई बैरक में भेजा गया हिस्ट्रीशीटर ज्ञानेन्द्र ढाका

जेल में निरूद्ध बंदी से हुआ मोबाइल फोन बरामद

जेल अधीक्षक ने दर्ज करायी एफआईआर
जांच में सामने आयेगा सच, जेल में बंदी के पास कैसे पहुंचा फोन व सिम

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

ललितपुर। जिला बागपत के भडल स्थित स्कूल के प्रबंधक से जेल में निरूद्ध बंदी द्वारा 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगते हुये जान से मारने की धमकी देने के मामले में नया मोड आ गया है। फोन कर रंगदारी मांगते हुये धमकाने और जेल में निरूद्ध अन्य बंदी पर चम्मच से हमला करने के बाद हिस्ट्रीशीटर ज्ञानेन्द्र ढाका को तन्हाई बैरिक में शिफ्ट किया गया है। प्रकरण को लेकर जांच करने पहुंचे डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता, डीएम सत्य प्रकाश व एसपी मो.मुश्ताक ने निरूद्ध बंदी के पास से कीपैड मोबाइल फोन बरामद किया था। इस मामले में जिला कारागार के प्रभारी अधीक्षक जीवन सिंह ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। तहरीर में बताया कि बागपत के थाना चांदीनगर अंतर्गत ग्राम ढिकोली निवासी ज्ञानेन्द्र ढाका पुत्र कृष्णपाल बीती 25 जून 2025 को कारागार में निरूद्ध किया गया, इसके बाद 6 नवम्बर को उनके साथ उप कारापाल प्रिंस बाबू, हेल जेल वार्डर रामऔतार वर्मा, हेड जेल वार्डर राजेन्द्र प्रसाद, जेल वार्डर आकाश कुशवाहा द्वारा बंदी की तलाशी ली गयी। तलाशी के दौरान निरूद्ध बंदी के पास से एक कीपैड मोबाइल फोन बरामद किया गया है। फोन में सिम भी बरामद की गयी है। निरूद्ध बन्दी के खिलाफ जेल मैनुअल के प्रस्तर 1052 कारागार अधिनियम 1894 (1894 या अधिनियम संख्या-9) की धारा 42 व 43 में गैरजमानती व संज्ञेय अपराध के तहत एफआईआर दर्ज की गयी है।
गैंगस्टर पर ज्ञानेन्द्र ढाका ने किया चम्मच से हमला
ललितपुर शहर के नदी मोहल्ला भीमनगर निवासी धीरज पुत्र नाथूराम अहिरवार ने कोतवाली पुलिस को बताया कि बागपत के ढिकोली निवासी ज्ञानेन्द्र ढाका पुत्र कृष्णपाल की उसके द्वारा जेल अधिकारियों द्वारा तलाशी करायी गयी थी। इसके बाद वह बैरिक नम्बर 2 में पहुंचा, जहां ज्ञानेन्द्र ने उस पर चम्मच से हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोट आयी है। पुलिस ने धीरज की तहरीर पर ज्ञानेन्द्र के खिलाफ बीएनएसकी धारा 115 (2) व 351 (3) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
प्रभारी जेल अधीक्षक समेत तीन निलम्बित
जेल में निरूद्ध रहते हुये फोन करके स्कूल प्रबंधक से रंगदारी मांगने के मामले में कारागार महानिदेशक लखनऊ ने डीआईजी जेल की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही बरतने पर प्रभारी जेल अधीक्षक जीवन सिंह, उप कारापाल प्रिंस बाबू व जेल वार्डर आकाश कुशवाहा को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है। इनके खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही भी शुरू कर दी गयी है।
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