पूर्वी चंपारण में बदले समीकरण
वैश्य प्रत्याशियों पर टिका दोनों गठबंधनों का दांव; मुकाबला रोचक
मोतिहारी । बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर दूसरे चरण का मतदान कल यानी 11 नवंबर को होना है। ऐसे में दूसरे चरण के चुनाव में मुजफ्फरपुर प्रमंडल के पूर्वी चंपारण जिले की 12 विधानसभा की सीट पर इस बार प्रत्याशियों को लेकर लड़ाई दिलचस्प है। पढे़ं पूरी खबर
बिहार का पूर्वी चंपारण हमेशा से एनडीए का गढ़ माना जाता रहा है। 2020 के विधानसभा चुनाव में यहां की 12 विधानसभा सीटों में से नौ पर एनडीए का कब्जा हुआ था, जबकि तीन सीटें राजद के खाते में गई थीं। लोकसभा चुनाव में भी यहां की सीट और संबंधित विधानसभाओं में एनडीए गठबंधन ने ही जीत दर्ज की थी। लेकिन इस बार समीकरण कुछ बदले-बदले नजर आ रहे हैं। दोनों गठबंधन एनडीए और महागठबंधन ने इस बार वैश्य समाज पर भरोसा जताया है। लगभग आधा दर्जन सीटों पर दोनों ने वैश्य प्रत्याशी उतारकर अपने-अपने समीकरण मजबूत करने की कोशिश की है। आइये विधानसभावार समझते हैं यहां की चुनावी स्थिति।
रक्सौल विधानसभा-भारत-नेपाल बॉर्डर से सटी रक्सौल सीट पर 2020 में भाजपा के प्रमोद सिन्हा ने 80,979 वोट पाकर कांग्रेस प्रत्याशी रामबाबू यादव को हराया था। कांग्रेस को 44,056 और राजद के बागी निर्दलीय सुरेश यादव को 28,593 वोट मिले थे। इस बार कांग्रेस ने भाजपा के कोर वोट बैंक वैश्य समाज में सेंधमारी की कोशिश में पूर्व मंत्री बृजबिहारी प्रसाद के भाई और जेडीयू के पूर्व विधायक श्याम बिहारी प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है। इससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है। भाजपा के पूर्व विधायक अजय सिंह भी बागी होकर महागठबंधन उम्मीदवार की मदद कर रहे हैं। वहीं जनसुराज ने जेडीयू के पूर्व जिलाध्यक्ष भुवन पटेल को उम्मीदवार बनाया है, जिसका सीधा फायदा कांग्रेस को होता दिख रहा है।
सुगौली विधानसभा-2020 में राजद के शशिभूषण सिंह ने 65,267 वोट पाकर वीआईपी पार्टी के रामचंद्र सहनी को 3,447 वोटों से हराया था। लेकिन इस बार शशिभूषण सिंह का नामांकन रद्द हो गया। अब मुकाबला एनडीए समर्थित लोजपा (रामविलास) के बबलू गुप्ता और जनसुराज के अजय झा के बीच है। तेजप्रताप यादव के प्रत्याशी श्यामकिशोर चौधरी को महागठबंधन ने समर्थन दिया है, पर असर नगण्य दिख रहा है। ऐसे में लोजपा (आर) उम्मीदवार को बढ़त मिलती दिख रही है।
हरसिद्धि विधानसभा-यहां भाजपा ने मंत्री कृष्णनंदन पासवान को फिर से उम्मीदवार बनाया है। उनके सामने राजद के राजेंद्र राम और जनसुराज के अवधेश राम हैं। पिछली बार कृष्णनंदन पासवान ने 84,431 वोट पाकर राजद के नागेंद्र राम को हराया था। इस बार भाजपा विधायक के खिलाफ स्थानीय नाराजगी के बावजूद समीकरण उनके पक्ष में दिख रहा है। हालांकि कृष्णनंदन पासवान और एमएलसी महेश्वर सिंह के बीच अदावत इस चुनाव में फैक्टर बन सकती है। राजपूत वोट अगर राजद प्रत्याशी की ओर गए तो महागठबंधन की स्थिति मजबूत हो सकती है।
गोविंदगंज विधानसभा-इस सीट पर एनडीए के भीतर टिकट बंटवारे को लेकर जबरदस्त खींचतान हुई थी। भाजपा अपने विधायक सुनील मणि तिवारी को उम्मीदवार बनाना चाहती थी, जबकि लोजपा (आर) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी भी यहीं से लड़ना चाहते थे। अंतत: चिराग पासवान ने यह सीट अपने पार्टी अध्यक्ष के लिए ले ली। 2020 में भाजपा के सुनील मणि तिवारी ने 65,544 वोट पाकर कांग्रेस के बृजेश पांडे को हराया था। इस बार लोजपा (आर) के राजू तिवारी और कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शशिभूषण राय उर्फ गप्पू राय में सीधा मुकाबला है। जनसुराज ने तीन बार के जिला पार्षद कृष्णकांत मिश्रा को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा कार्यकतार्ओं की भीतरघात की खबरों से मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
केसरिया विधानसभा-2020 में जेडीयू की शालिनी मिश्रा ने 40,219 वोट पाकर राजद के संतोष कुशवाहा को हराया था। इस बार महेश्वर सिंह के बेटे वरुण विजय वीआईपी से चुनाव लड़ रहे हैं। जेडीयू ने फिर से शालिनी मिश्रा पर भरोसा जताया है। जनसुराज ने प्रमुख पति पप्पू खान को उम्मीदवार बनाया है, जबकि राजद महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष पूनम देवी बागी होकर मैदान में हैं। प्रसिद्ध गायक विनोद बेदर्दी तेजप्रताप यादव की पार्टी से मैदान में हैं। इन सबका फायदा जेडीयू प्रत्याशी को होता दिख रहा है।
कल्याणपुर विधानसभा-2020 में राजद के मनोज यादव ने 72,236 वोट पाकर भाजपा के सचिंद्र सिंह को हराया था। इस बार फिर वही मुकाबला दोहराया जा रहा है। जनसुराज से मंतोष सहनी मैदान में हैं। चुनाव से ठीक पहले भाजपा प्रत्याशी का अश्लील आॅडियो-वीडियो वायरल हुआ, जिसकी पुष्टि अमर उजाला नहीं करता है, लेकिन इसका असर चुनाव पर पड़ सकता है। बागी उम्मीदवार सुबोध तिवारी भी समीकरण बिगाड़ सकते हैं।
पिपरा विधानसभा-2020 में भाजपा के श्यामबाबू यादव ने 88,587 वोट पाकर सीपीआई(एम) के राजमंगल प्रसाद को हराया था। इस बार भी यही दोनों आमने-सामने हैं। जनसुराज से सुबोध यादव मैदान में हैं। मुकाबला काफी करीबी है और यहां महागठबंधन का पलड़ा थोड़ा भारी दिख रहा है।
मधुबन विधानसभा-2020 में भाजपा के राणा रणधीर सिंह ने 73,179 वोट पाकर राजद के मदन प्रसाद को हराया था। इस बार राजद ने मदन प्रसाद का टिकट काटकर संतोष कुशवाहा को उतारा है। इससे नाराज होकर मदन प्रसाद ने राबड़ी आवास के बाहर कुर्ता फाड़कर विरोध किया था और तेजस्वी यादव के सलाहकार पर टिकट बेचने का आरोप लगाया था। मदन प्रसाद वैश्य समाज से आते हैं, जिससे समुदाय में नाराजगी है। इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है।
चिरैया विधानसभा-यहां 2020 में भाजपा के लालाबाबू प्रसाद गुप्ता ने 62,904 वोट पाकर राजद के अच्छेलाल यादव को हराया था। अच्छेलाल यादव को 46,030 और राजद के बागी लक्ष्मी नारायण यादव को 16,395 वोट मिले थे। इस बार राजद ने लक्ष्मी नारायण यादव को उम्मीदवार बनाया है, जबकि अच्छेलाल यादव बागी होकर निर्दलीय मैदान में हैं। जनसुराज ने ठेकेदार संजय सिंह को उतारा है। दो यादव उम्मीदवारों के बीच फंसे इस मुकाबले का फायदा भाजपा को मिल सकता है।
ढाका विधानसभा-मुस्लिम बहुल इस क्षेत्र में 2020 में भाजपा के पवन जयसवाल ने 99,792 वोट पाकर राजद के फैसल रहमान को हराया था। फैसल रहमान को 89,678 वोट मिले थे। जयसवाल अपनी फायरब्रांड छवि और विकास कार्यों के लिए जाने जाते हैं। राजद प्रत्याशी फैसल रहमान मरहूम सांसद मोतीउर रहमान के पुत्र हैं। इस बार जनसुराज ने वैश्य समुदाय के चर्चित चिकित्सक डॉ. लालबाबू प्रसाद को उतारकर मुकाबला रोमांचक बना दिया है।
नरकटिया विधानसभा-2020 में राजद के डॉ. शमीम अहमद ने 85,562 वोट पाकर जेडीयू के श्याम बिहारी प्रसाद को हराया था। लोजपा (आर) के उम्मीदवार सोनू कुमार को 20,494 वोट मिले थे, जिनकी वजह से श्याम बिहारी की हार हुई थी। अब श्याम बिहारी कांग्रेस के सिंबल पर रक्सौल से लड़ रहे हैं। नरकटिया में राजद के खिलाफ जेडीयू ने वैश्य समुदाय के विशाल कुमार शाह को उतारा है, जबकि जनसुराज ने लालबाबू यादव को उम्मीदवार बनाया है। सोनू कुमार ने भी विशाल कुमार शाह को समर्थन दिया है, जिससे वैश्य वोट एकजुट होते दिख रहे हैं।
मोतिहारी विधानसभा-यह सीट भाजपा के प्रमोद कुमार का गढ़ मानी जाती है। वे लगातार पांच बार से यहां से जीत रहे हैं। 2020 में उन्होंने 92,733 वोट पाकर राजद के ओमप्रकाश चौधरी को हराया था। इस बार राजद ने बाहुबली छवि वाले नेता और मोतिहारी की मेयर प्रीति गुप्ता के पति देवा गुप्ता को टिकट दिया है। देवा गुप्ता का भाजपा सांसद राधामोहन सिंह से पुराना विवाद है, जिससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है। राजद वैश्य वोटों में सेंधमारी की कोशिश में है। वहीं जनसुराज ने कायस्थ समाज के चिकित्सक डॉ. अतुल कुमार को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा वोटों के बिखराव से राजद को फायदा मिल सकता है
