बोकारो

किसानों के बीच सरसों बीज का किया गया वितरण

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 

बोकारो जिले केनावाडीह प्रखंड के सदर पंचायत नावाडीह स्थित कृषक पाठशाला मे नेशनल मिशन इडीबील ऑयल सीड योजना के तहत वैल्यू चैन क्लस्टर अंतर्गत आत्मा बोकारो के सौजन्य से नावाडीह कृषि उत्पादक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के द्वारा गुरुवार को 300 किसानों के बीच सरसों बीज का वितरण किया गया। यह वितरण नावाडीह प्रखंड प्रमुख पुनम देवी, एटीएम संतोष कुमार एवं समिति के सचिव बासुदेव शर्मा ने संयुक्त रूप से किया।
■ प्रखंड प्रमुख पुनम देवी ने कहा कि इस बार सरसों बीज की कमी किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन रही थी। आर्थिक तंगी के कारण कई किसान सरसों बीज खरीद नहीं पाते हैं जिसके कारण वे खेती छोड़कर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसान सरसों की खेती छोड़ते रहे, तो आने वाले समय में सरसों तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। उन्होंने संस्था की सराहना करते हुए कहा कि संस्था द्वारा किसानों को मुफ़्त में उन्नत किस्म का सरसों बीज उपलब्ध कराना वास्तव में क्रांतिकारी कदम है, क्योंकि इससे न केवल किसानों को राहत मिल रही है, बल्कि नावाडीह क्षेत्र में सरसों उत्पादन बढ़ने की भी पूरी संभावना है। सरसों बीज मिलने से किसान दोबारा अपनी जमीनों पर लौट रहे हैं और सरसों की सुनहरी फसल उगाने के लिए तैयार हैं। प्रखंड प्रमुख ने यह भी कहा कि आने वाले समय में नावाडीह में विशेष सब्जी एवं अनाज मंडी खोले जाने की योजना है, जिससे सरसों किसानों को बेहतर बाज़ार मिलेगा और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि इसी तरह सहयोग मिलता रहा, तो आने वाले वर्षों में नावाडीह सरसों उत्पादन का हब बनकर उभरेगा।
■ समिति के सचिव बासुदेव शर्मा ने कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और खेती की परंपरा को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि नावाडीह क्षेत्र में बहुत से किसान सरसों बीज के महंगे होने के कारण इसकी खेती छोड़ने लगे थे, जिससे उत्पादन में गिरावट आ रही थी। किसान यदि सरसों की खेती छोड़ देते हैं, तो आने वाले समय में सरसों तेल की कीमतें और अधिक बढ़ सकती हैं। इसी को देखते हुए संस्था ने यह निर्णय लिया कि किसानों को उन्नत किस्म का सरसों बीज एवं मोटा अनाज पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने आगे बताया कि इस पहल से किसानों में नई ऊर्जा आई है, और बड़ी संख्या में किसान फिर से सरसों तथा मोटा अनाज की खेती की तरफ लौट रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि नावाडीह प्रखंड सरसों उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बने और यहाँ के किसान अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त कर सकें,
बासुदेव शर्मा ने यह भी घोषणा की कि संस्था आने वाले महीनों में किसानों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण, मिट्टी परीक्षण, आधुनिक खेती पद्धति और खेत स्तर पर परामर्श सेवाएँ भी उपलब्ध कराएगी, ताकि सरसों व मोटे अनाज का उत्पादन और बेहतर हो सके। उन्होंने सभी किसानों से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाएँ और खेती की परंपरा को मजबूत बनाए रखें।
मौके पर अनवर अंसारी, सीईओ चंदन कुमार, आशीष मिश्रा, अरुण कुमार, अजय कुमार, भूनेश्वर महतो, मिथलेश्वर महतो, राज कुमार, ललिता कुमारी, संजू कुमारी, कान्ति कुमारी, गुलाबी देवी, हुलासी देवी, अमित कुमार, मालती देवी, उमेश तुरी, सुनिती देवी सहित कई किसान थे।

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