मुरादाबाद
भजपा द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी पर अटल स्मृति सम्मेलन आयोजित किया गया

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मुरादाबाद। अटल स्मृति सम्मेलन में महानगर के प्रसिद्ध व वरिष्ठ साहित्यकारों और कवियों ने अपनी काव्य पंक्ति और रचनाओं के माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी जिसमें कवियत्री प्रेमवती उपाध्याय,वरिष्ठ साहित्यकार डा मनोज रस्तौगी,अशोक विश्नोई, श्रीकृष्ण शुक्ल,युवा गीतकार मयंक शर्मा,कवि दुष्यंत बाबा, राजीव प्रखर,डा.मनोज कुमार, समाजसेवी धवल दीक्षित ने काव्य पाठ और रचना पाठ किए।
मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में उत्तर प्रदेश पिछडा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल ने कहा कि अटल जी की नीति में दूरदृष्टि,नेतृत्व में सेवा भाव और निर्णयों में राजनीतिक कुशलता थी। उनका विराट व्यक्तित्व पूरे देशवासियों को नई प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने सभी से अटल जी के व्यक्तित्व पर चर्चा कर आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
सूर्य प्रकाश पाल ने आगे कहा कि भारत द्वारा अपना पहला परमाणु परीक्षण वर्ष 1974 में सफलतापूर्वक किया गया, लेकिन यह परीक्षण दुनिया की नज़र में परमाणु तकनीकी को हासिल करने की दिशा में भारत का पहला कदम था। भारत ने अपना दूसरा परमाणु परीक्षण प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में 11 से 13 मई 1998 में सफलतापूर्वक किया और इस परीक्षण के बाद भारत एक परमाणु हथियार राज्य के रूप में उभरा।
उप्र राज्य बाल अधिकार आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ विशेष गुप्ता ने कहा कि अटल ऐसे सर्वमान्य नेता थे,जिन्हें पक्ष और विपक्ष दोनों सम्मान देते थे। संसद में उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भी उन्हें भविष्य का प्रधानमंत्री बताया था।अटल जी ने मूल्यों और विचारधारा पर आधारित राजनीति के माध्यम से विकास व सुशासन की नींव रखी।
विशिष्ट अतिथि महापौर विनोद अग्रवाल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा हिमाचल प्रदेश की जनता को अटल टनल जैसा अमूल उपहार दिया गया, जिसने लाहौल-स्पीति को वर्ष भर देश से जोड़ा और सामरिक दृष्टि से भी देश को मजबूती प्रदान की। इसके अलावा पूरे देश में सड़कों का जाल बिछाकर गांव से शहरों को जोड़ा। अटल जी ने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र के रूप में भारत को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया।
भाजपा महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडूला ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री में नेतृत्व में सेवा भाव रहा है। उनके निर्णयों में राजनीतिक कुशलता रही। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई ने भारतीय राजनीति को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने राजनीति में त्वरित लोकप्रियता और तात्कालिक लाभ की परवाह किए बिना खरीद फरोख्त से सरकार बनाने से साफ इन्कार किया था। अटल जी का मानना था कि लोकतंत्र में सत्ता टिकाऊ तभी होती है, जब उसकी जड़े संगठन से जुड़ी होती हैं।
अटल स्मृति सम्मेलन की अध्यक्षता भाजपा महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडूला ने एवं सम्मेलन का संचालन भाजपा महानगर उपाध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक विशाल त्यागी ने किया।
अटल स्मृति सम्मेलन में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल, विशिष्ट अतिथि महापौर विनोद अग्रवाल,डा विशेष गुप्ता, महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडूला, कार्यक्रम संयोजक भाजपा महानगर उपाध्यक्ष विशाल त्यागी
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रिया अग्रवाल,जिला पंचायत अध्यक्ष डा. शैफाली सिंह,पूर्व सांसद वीर सिंह,नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष शैलेंद्र सैनी,प्रांतीय परिषद सदस्य निमित जयसवाल,भाजपा महानगर मीडिया प्रभारी राजीव गुप्ता,महानगर महामंत्री नत्थूराम कश्यप,दिनेश शीर्षवाल, महानगर उपाध्यक्ष विशाल त्यागी,दिनेश सिसोदिया, नवदीप टंडन,राहुल शर्मा,हेमराज सैनी, अभिषेक चौबे,रेखा मदान, सुनीता शर्मा,शशी किरण, अश्वनी शर्मा,दीक्षांत चौधरी, पार्षद कविता गुप्ता,गीता शर्मा, राधा रानी,डा गौरव श्रीवास्तव, विशाल सिंह गोलू,कुलदीप नारायण,दिनेश गोला,अजय तोमर,योगेन्द्र रस्तौगी,तुषार सिंह, रमेश सैनी,मंडल अध्यक्ष विपिन प्रजापति,सूर्य मोहन शमशेरी,विशाल रस्तौगी, सोमपाल प्रजापति,Tshirt बंसल,अनुपेंद्र चौधरी,अश्वनी दीक्षित,सुरजीत सिंह,नीरज कुमार,फुरकान अली आदि महानगर, मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठों के पदाधिकारी एवं पार्षद शामिल रहें।



