
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मुरादनगर। गंगनहर घाट पर लगातार हो रही डूबने की घटनाओं के बाद पुलिस और प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। बीते एक माह में गंगनहर में डूबने से करीब 10 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने घाट पर नहर में स्नान करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंध लागू होने के बाद इसका असर भी दिखाई देने लगा है। सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्नानार्थी गंगनहर घाट पहुंचे, लेकिन वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें नहर की ओर जाने से रोक दिया। सुबह से ही घाट पर लोगों का आना शुरू हो गया था। कई लोग स्नान और धार्मिक अनुष्ठान करने के उद्देश्य से पहुंचे थे, लेकिन बैरिकेडिंग के पास ही उन्हें रोक दिया गया।दरअसल, हाल के दिनों में गंगनहर घाट पर डूबने की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हुई है। गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में लोग नहर में स्नान करने पहुंच रहे हैं, लेकिन तेज बहाव और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के अभाव में हादसे हो रहे हैं। एक महीने के भीतर करीब 10 लोगों की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर सवाल उठने लगे थे।
इसी के चलते पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से घाट पर स्नान पर रोक लगाने का फैसला लिया। हालांकि कुछ श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि उन्हें केवल स्नान ही नहीं, बल्कि पूजा-अर्चना के लिए भी घाट तक जाने से रोका गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। प्रशासन के अनुसार अगली व्यवस्था होने तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा। किसी भी श्रद्धालु को धार्मिक गतिविधियों से रोकने का उद्देश्य नहीं है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों से घाट क्षेत्र में लोगों की आवाजाही सीमित की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।



