हजारीबाग

जेपी केंद्रीय कारा से फरार तीनों कैदी को हजारीबाग पुलिस ने महाराष्ट के सोलापुर जिला के करमाला से गिरफ्तार।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

हजारीबाग जेपी केंद्रीय कारा से फरार तीनों कैदी को हजारीबाग पुलिस ने महाराष्ट के सोलापुर जिला के करमाला से गिरफ्तार कर लिया है। जेपी केंद्रीय कारा से 31 दिसम्बर की देर रात्रि तीनों जेल का बाउंड्री तड़प फरार हो गए थे। तीनों की पहचान देवा भुईयों उर्फ देव कुमार भुईयों पिता शंभू भुईयों,राहुल रजवार पिता-जगन रजवार,और जितेन्द्र रवानी, पिता-जतर रवानी तीनों जिला-धनबाद के रहने वाले के रूप में हुई थी। तीनों जेल की खिडकी का रॉड काटकर बेडशीट के सहारे नीचे उतरे उसके बाद दीवार में लोहे के हुक एवं चादर से रस्सी बनाकर तथा लकड़ी का डंडा का सहारा लेते हुए दीवार पर चढ़कर तीनों कैदी फरार हो गए थे। हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन ने प्रेस वार्ता कर बताया कि तीनों कैदी जेल से भागने के बाद सबसे पहले सिन्दुर चौक पहुंचे। वहां से सिन्दुर से टोटो पकड़कर ईचाक थाना क्षेत्र के कुरहा गांव में देवा भुइंया अपने साडू के यहाँ गया। कुरहा से पिकअप गाडी से बरकठा गया, बरकठा से बरही होते हुए कोडरमा गये, कोडरमा से लोकल ट्रेन पकडकर गया गये और गया से ट्रेन पकड़कर क्यूल होते हुए जसीडीह गये,जहाँ पर ये तीनों कैदियों के द्वारा पुना जाने वाले ट्रेन का 2 दिनों तक इंतजार करते रहे। जसीडीह से जसीडीह पुणे एक्सप्रेस ट्रेन पकड़कर महाराष्ट के दौण्ड जंक्शन से बस पकडकर राशिन बस स्टैण्ड उतरे वहाँ से पैदल 12 से 15 किमी पैदल चलकर कोरटी चौक पहुँचे, जहाँ पूर्व परिचित ईटा भटठा मालिक से मुलाकत हुई और वहाँ ईट भटठा में मजदूरी करने लगे। बताते चले कि कतरास थाना पुलिस के द्वारा वर्ष 2020 में पोक्सों केस में देव कुमार भुइयां को जेल भेजा गया था, जो करीब 1 वर्ष धनबाद जेल में रहा और अपने साथी अंकित रवानी के साथ जुलाई 2021 में जेलवार्ड का खिडकी काटकर चाहर दीवारी फॉदकर जेल से भाग गया था। ये तीनो लोग आपस में जेल में ही प्लान बनाये कि हमलोग को आजीवन कारावास का सजा हो गया है, अब हमलोग का जिन्दगी भर जेल में ही रहना पड़ेगा। इसलिए जेल से भागने का उपाय करना पड़ेगा। 31 दिसम्बर को रात्रि करीब डेढ़ बजे से 2 बजे के बीच में जब कैदी सो रहे थे तो ये तीनों खिड़की के रड को काटकर फरार हो गए। अपराधिक इतिहास देवा भुईयाँ उर्फ देव कुमार भुईयाँ और जितेन्द्र रवानी,पिता-जताल रवानी पर नौ नौ मामले दर्ज है, वहीं राहुल रजवार पिता जगन रजवार, पर एक मामले दर्ज हैं। छापामारी दल में सदर एसडीपीओ अमित आनन्द, पेलावल इंस्पेक्टर शाहिद रजा, बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार, लोहसिंघना प्रभारी निशान्त केरकेटा, पेलावल प्रभारी वेद प्रकाश पाण्डये, सैट प्रभारी गौतम कुमार, सत्यम गुप्ता, तकनीकि शाखा एवं नक्सल शाखा के पदाधिकारी एवं कर्मी के अलावा लोहसिंघना थाना का सशस्त्र बल शामिल थे।।

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