बागपत
पंचकर्मा से PCOD तक: आयुर्वेद से स्वास्थ्य की राह

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
डॉ. अर्चना सिंह चौहान (BAMS, PGD पंचकर्मा)
श्री वेद वरदान आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटर, सरधना (मेरठ)
सुरेंद्र मलानिया: डॉ. अर्चना, सबसे पहले आप अपने बारे में और अपने अनुभव के बारे में पाठकों को बताइए।
डॉ. अर्चना सिंह चौहान: धन्यवाद। मैं BAMS और PGD पंचकर्मा हूँ और आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में मुझे लगभग 15 वर्षों का अनुभव है। इनमें से 13 वर्ष मैंने पतंजलि व अन्य प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक संस्थानों में कार्य किया और पिछले दो वर्षों से सरधना में श्री वेद वरदान आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटर के माध्यम से मरीजों की सेवा कर रही हूँ।
सुरेंद्र मलानिया: आपके पास आने वाले मरीजों में किन समस्याओं की संख्या अधिक रहती है?
डॉ. अर्चना सिंह चौहान: आज की जीवनशैली के कारण महिलाओं में PCOD, हार्मोनल असंतुलन, अनियमित मासिक धर्म, वजन बढ़ना और तनाव जैसी समस्याएँ बहुत बढ़ गई हैं। इसके अलावा पाचन संबंधी रोग, थकान और इम्युनिटी से जुड़ी शिकायतें भी आम हैं।
सुरेंद्र मलानिया: PCOD को लेकर महिलाओं में काफी डर और भ्रम रहता है। आयुर्वेद इसमें कितना प्रभावी है?
डॉ. अर्चना सिंह चौहान: PCOD कोई लाइलाज रोग नहीं है। आयुर्वेद इसे जड़ से ठीक करने की क्षमता रखता है। मैंने PCOD के कई गंभीर मामलों में भी सफल उपचार किया है। पंचकर्म, आयुर्वेदिक औषधियाँ, सही आहार और दिनचर्या—इन सबके संतुलन से हार्मोनल सिस्टम को प्राकृतिक रूप से ठीक किया जा सकता है।
सुरेंद्र मलानिया: पंचकर्म चिकित्सा को लेकर आम लोगों में क्या गलतफहमियाँ हैं?
डॉ. अर्चना सिंह चौहान: कई लोग इसे सिर्फ तेल मालिश समझ लेते हैं, जबकि पंचकर्म एक वैज्ञानिक और गहन शुद्धिकरण प्रक्रिया है। सही जांच और अनुभवी चिकित्सक के मार्गदर्शन में किया गया पंचकर्म शरीर से विषाक्त तत्वों को निकालकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
सुरेंद्र मलानिया: आपके इलाज की खासियत क्या मानती हैं आप?
डॉ. अर्चना सिंह चौहान: मैं हर मरीज को अलग-अलग समझकर इलाज करती हूँ। केवल दवा नहीं, बल्कि जीवनशैली, खान-पान और मानसिक स्थिति पर भी ध्यान दिया जाता है। मेरा उद्देश्य सिर्फ रोग दबाना नहीं, बल्कि मरीज को स्थायी स्वास्थ्य देना है।
सुरेंद्र मलानिया: सरधना क्षेत्र के मरीजों के लिए आपका क्या संदेश है?
डॉ. अर्चना सिंह चौहान: बीमार होने का इंतज़ार न करें। समय पर जांच, सही सलाह और प्राकृतिक उपचार से बड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है। आयुर्वेद धैर्य मांगता है, लेकिन परिणाम स्थायी देता है।



