मथुरा
वृंदावन के नाभा घाट समेत प्राचीन घाटों पर जमा हो रहा दूषित पानी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। वृंदावन में एक तरफ करोड़ों रुपये की लागत से नए रिवर फ्रंट योजना पर काम चल रहा है। वहीं प्राचीन रिवर फ्रंट की अनदेखी की जा रही है। नगर के प्राचीन नाभा घाट समेत एक दर्जन घाटों पर जलभराव और अतिक्रमण के साथ गंदगी के ढेर लगे हैं। घाटों की लंबे समय से सफाई न होने के कारण कचरा जमा हो रहा है। इससे स्थानीय लोगों में रोष फैल रहा है। नगर के प्राचीन पक्के नाभा घाट, करौली घाट और कालीदह घाट पर दूषित पानी पिछले छह माह से भरा हुआ है। पानी के जमाव और गंदगी के कारण घाट की शोभा धूमिल हो रही है। फव्वारे बंद होने के साथ ही वहां लाखों की लागत से लगी लाइट भी टूटी पड़ी है। करोली घाट पर नगर निगम की ओर से घाट पर लगाया गया परिचय बोर्ड भी झाड़ियों से ढक गया है। वाटर हार्वेस्टिंग के लिए बनाए गए पिट गंदगी से अटा पड़ा है। महंत मधुमंगल शरण शुक्ल ने कहा कि नगर के प्राचीन घाटों के सौंदर्यीकरण के लिए नगर निगम ने करोड़ों रुपये खर्च किए। इसके बाद भी निगम ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और घाटों पर लगे पत्थर भी उखड़ने लगे हैं। गंदगी एवं लाइट टूट गए हैं। इस संबंध में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को पत्र भेजकर घाटों की दशा से अवगत कराकर इनके सुधार की मांग की जाएगी।



